खोई हुई मार्केट शेयर को वापस पाने की जंग
पिछले कुछ सालों में Hyundai India की मार्केट में पकड़ कमजोर हुई है। Financial Year 2026 में कंपनी की डोमेस्टिक सेल्स वॉल्यूम 2.3% घटकर 5.84 लाख यूनिट रही। वहीं, कॉम्पिटीटर्स की डबल-डिजिट ग्रोथ के मुकाबले, Hyundai का मार्केट शेयर FY22 के 16.3% से घटकर करीब 12.3% रह गया। इससे कंपनी दो दशकों से भी ज़्यादा समय से टॉप तीन में बने रहने का रिकॉर्ड गंवा बैठी है। बढ़ती SUV और EV की डिमांड को भुनाने में पिछड़ना इसकी बड़ी वजह है।
ऑटो मार्केट में तेज़ बदलाव और कॉम्पिटीटर्स की बढ़त
दरअसल, भारतीय ऑटो मार्केट तेज़ी से बदल रहा है। 2025 तक SUV पैसेंजर व्हीकल मार्केट का लगभग 46.1% हिस्सा बन चुकी हैं, और FY2024-25 में तो पैसेंजर व्हीकल की 65% बिक्री इन्हीं की रही। वहीं, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट भी रफ्तार पकड़ रहा है, जिसके 2030 तक मार्केट का 30% हिस्सा बनने की उम्मीद है, जो अभी लगभग 5% है। ऐसे में Maruti Suzuki अपनी 42% मार्केट शेयर के साथ आगे है, जबकि Tata Motors 37.5% शेयर के साथ EV सेगमेंट में लीड कर रही है। Mahindra & Mahindra भी अपनी पैठ बढ़ा रही है।
नए मॉडल्स से गैप भरने की कोशिश
अपनी लाइन-अप में मौजूद महत्वपूर्ण गैप्स को भरने के लिए Hyundai नई गाड़ियों पर दांव लगा रही है। इसमें एक नया क्रॉसओवर शामिल हो सकता है, जिसे Hyundai Bayon नाम दिया जा सकता है, जो Maruti Suzuki Fronx जैसे मॉडल्स को टक्कर देगा। कंपनी अपनी EV रेंज को भी बढ़ाएगी, जिसमें Ioniq 5 के अलावा Ioniq 6 और बजट-फ्रेंडली Hyundai Inster इलेक्ट्रिक हैचबैक शामिल हो सकती है, जिसके भारत में जून 2026 के आसपास लॉन्च होने की उम्मीद है। इसके अलावा, Kia Carens जैसे मॉडल्स से मुकाबला करने के लिए कंपनी एक MPV, Hyundai Stargazer पर भी विचार कर रही है। प्रीमियम सेगमेंट में, 2027 तक नई जनरेशन Santa Fe को हाइब्रिड ऑप्शंस के साथ पेश करने की योजना है।
बड़ा निवेश और आने वाली चुनौतियां
Hyundai Motor India ने भविष्य के लिए एक बड़ा निवेश प्लान तैयार किया है, जिसके तहत FY2030 तक ₹45,000 करोड़ प्रोडक्ट डेवलपमेंट और लोकलाइजेशन पर खर्च किए जाएंगे, जिसमें 2030 तक 30 नए मॉडल्स लॉन्च करने की योजना भी शामिल है। कंपनी 2032 तक 600 से ज़्यादा DC फास्ट चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित करेगी। S&P Global Mobility के अनुसार, Hyundai की सफलता अगले 12-18 महीनों में तेज़ एग्ज़िक्यूशन और इफेक्टिव लोकलाइजेशन पर निर्भर करेगी। EV मार्केट में Tata Motors और MG Motor जैसी कंपनियों से पिछड़ने का ख़तरा है, जबकि प्रीमियम सेगमेंट में Toyota Fortuner जैसे स्थापित नामों से कड़ा मुकाबला है।
