Hyundai Motor India ने अपनी मार्केट हिस्सेदारी को फिर से बढ़ाने के लिए एक आक्रामक योजना बनाई है। कंपनी FY30 तक **26** नए मॉडल्स उतारेगी और पुणे प्लांट में उत्पादन बढ़ाएगी।
मार्केट शेयर वापस पाने की कवायद
Hyundai के लिए पिछला कुछ समय चुनौतियों भरा रहा है। कंपनी का डोमेस्टिक मार्केट शेयर जो FY21 में 17.4% था, वह FY26 तक गिरकर 12.5% पर आ गया है। इस गिरावट को थामने के लिए अब कंपनी का पूरा ध्यान नए प्रोडक्ट्स पर है। फिलहाल कंपनी की सेल्स का आधे से ज्यादा हिस्सा सिर्फ Creta और Venue जैसे चुनिंदा SUVs से आता है, जिसे अब कंपनी कम करना चाहती है। नई पाइपलाइन में FY27 की दूसरी छमाही से मिड-साइज SUV और कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक गाड़ियां शामिल हैं।
पुणे प्लांट में बढ़ेगा काम
मांग को पूरा करने के लिए Hyundai ने पुणे फैक्ट्री में अपनी तैयारी तेज कर दी है। कंपनी ने अक्टूबर 2026 से तीसरी शिफ्ट शुरू करने का फैसला लिया है, जो अपनी तय समयसीमा से 2 साल पहले किया जा रहा है। इससे कुल सालाना प्रोडक्शन क्षमता 994,000 यूनिट्स से बढ़कर करीब 1.14 मिलियन यूनिट्स होने की उम्मीद है। हालांकि, यह भारी निवेश निकट भविष्य में कंपनी के कैश फ्लो पर असर डाल सकता है।
मार्जिन पर निवेशकों की नजर
इन्वेस्टर्स की सबसे ज्यादा चिंता कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को लेकर है। पहली तिमाही (FY27) में EBITDA मार्जिन गिरकर 10.4% रह गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 14.1% था। मैनेजमेंट ने पूरे साल के लिए 11% से 14% का लक्ष्य रखा है, लेकिन लॉन्चिंग की लागत और महंगाई के चलते इसे हासिल करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसके अलावा, वेस्ट एशिया में लॉजिस्टिक्स संबंधी दिक्कतों से एक्सपोर्ट बिजनेस भी प्रभावित हुआ है। कंपनी अब 2030 तक अपने वाहनों में लोकल कंटेंट को 90% तक ले जाने पर काम कर रही है ताकि करेंसी उतार-चढ़ाव से बचा जा सके।
