मार्केट में पिछड़ी Hyundai India
भारतीय ऑटो बाजार में Hyundai India के लिए स्थिति बदली है। कंपनी लंबे समय से दूसरे स्थान पर काबिज थी, लेकिन अब वह Maruti Suzuki, Mahindra & Mahindra और Tata Motors के बाद चौथे पायदान पर आ गई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी की डोमेस्टिक बिक्री 2.3% घटकर 5,84,906 यूनिट रही। वहीं, Maruti Suzuki ने 24,22,713 यूनिट्स के साथ टॉप पर अपनी जगह बनाए रखी। Mahindra & Mahindra ने 20% की शानदार ग्रोथ के साथ 6,60,276 यूनिट्स बेचीं, जबकि Tata Motors ने 14% बढ़कर 6,31,387 यूनिट्स की बिक्री की। हालांकि, देश का पूरा ऑटो बाजार 13.3% बढ़कर 2.96 करोड़ यूनिट्स के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।
प्रीमियमाइजेशन पर फोकस
घटती वॉल्यूम के बीच, Hyundai India अब सिर्फ ज्यादा गाड़ियां बेचने पर फोकस नहीं कर रही, बल्कि अपनी गाड़ियों के औसत बिक्री मूल्य (ASP) और मार्जिन को बढ़ाने पर जोर दे रही है। कंपनी ने क्वालिटी और फीचर्स पर ध्यान बढ़ाया है। इस प्रीमियमाइजेशन (Premiumization) रणनीति की वजह से कंपनी के ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन FY20 में 24.3% से बढ़कर FY25 में 27.8% हो गए हैं। चौथी तिमाही FY26 में कंपनी की डोमेस्टिक बिक्री 8.5% बढ़कर 1,66,578 यूनिट्स रही, जो इस बात का संकेत है कि नए मॉडल्स और SUV रेंज की डिमांड बनी हुई है।
भविष्य की रणनीति: ₹45,000 करोड़ का निवेश
भविष्य को देखते हुए Hyundai Motor India ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी FY2030 तक ₹45,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश करेगी। यह पैसा प्रोडक्ट डेवलपमेंट, R&D, क्षमता विस्तार और नई टेक्नोलॉजी पर खर्च होगा। इस निवेश के तहत 2030 तक 26 नए मॉडल्स लॉन्च किए जाएंगे, जिनमें 7 बिल्कुल नए नेमप्लेट शामिल हैं। कंपनी MPV और ऑफ-रोड SUV सेगमेंट में भी एंट्री करेगी। कंपनी का बड़ा फोकस इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) पर है, और 2027 तक भारत में कंपनी की पहली लोकल-असेंबल्ड डेडिकेटेड इलेक्ट्रिक SUV लॉन्च होगी। दशक के अंत तक, कुल बिक्री में इको-फ्रेंडली (CNG, EVs, Hybrids) गाड़ियों का हिस्सा 50% से ज्यादा रखने का लक्ष्य है। इसके अलावा, 2027 तक Hyundai अपना ग्लोबल लक्जरी ब्रांड Genesis भी भारत में लॉन्च करेगी, जिसकी लोकल असेंबली की जाएगी। कंपनी का लक्ष्य FY2030 तक भारत में 15% से ज्यादा मार्केट शेयर हासिल करना और ₹1 लाख करोड़ का रेवेन्यू कमाना है।
चुनौतियां और आगे की राह
हालांकि, यह नई रणनीति कितनी सफल होगी, इस पर विश्लेषक (Analysts) निगाहें गड़ाए हुए हैं। Hyundai की बिक्री में बड़ी हिस्सेदारी (FY26 में 55%) Creta और Venue जैसी कुछ चुनिंदा मॉडलों पर टिकी है, जबकि Mahindra अपनी SUV रेंज से और Tata Motors अपनी EV व CNG पेशकशों से मजबूत पकड़ बना रहे हैं। Genesis जैसे प्रीमियम ब्रांड को लॉन्च करना भी एक चुनौती है, क्योंकि भारतीय बाजार अभी भी वैल्यू-फॉर-मनी (Value for Money) पर ज्यादा केंद्रित है। EV पैठ (penetration) अभी भी 1% के आसपास है, ऐसे में 50% इको-फ्रेंडली पावरट्रेन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा।