Hyundai Motor India अब मास-मार्केट इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में एंट्री के लिए अपनी कमर कस रही है। कंपनी इसके लिए एक डेडिकेटेड EV प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है और FY27 तक अपने सर्विस नेटवर्क को बढ़ाकर **820** टचपॉइंट्स तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।
नई रणनीति: डेडिकेटेड प्लेटफॉर्म
Hyundai Motor India अब अपने पोर्टफोलियो को बदलने की तैयारी में है। कंपनी ने अब 'आयातित' मॉडल्स या पुराने प्लेटफॉर्म्स से हटकर एक बिल्कुल नए और डेडिकेटेड इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म पर फोकस करना शुरू कर दिया है। इस कदम का मकसद लागत को कम करना और भारत के प्राइस-सेंसिटिव मार्केट में अपनी धाक जमाना है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विस्तार
केवल कार लॉन्च करना ही काफी नहीं है, इसलिए कंपनी सर्विस और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही है। FY27 के अंत तक 820 EV-रेडी सेल्स और सर्विस सेंटर्स के साथ-साथ 650 वर्कशॉप्स बनाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, स्टाफ को भी इलेक्ट्रिक व्हीकल मेंटेनेंस के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि ग्राहकों की 'रेंज एंग्जायटी' को खत्म किया जा सके।
फाइनेंशियल सेहत और चुनौती
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी मार्जिन को लेकर सतर्क है। Q1 FY27 में कंपनी का EBITDA मार्जिन 9.3% रहा है, जबकि पूरे साल के लिए 11% से 14% का लक्ष्य रखा गया है। बढ़ते कमोडिटी खर्चों को मैनेज करने के लिए कंपनी ने सितंबर 2026 में अपने पोर्टफोलियो की कीमतों में 1% तक की बढ़ोतरी भी की है। फिलहाल, कंपनी का शेयर ₹2,175 से ₹2,189 के दायरे में कारोबार कर रहा है।
कॉम्पिटिशन का सामना
भारतीय EV बाजार में लड़ाई तेज हो रही है। Tata Motors और Mahindra & Mahindra जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ कड़ा मुकाबला है। निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि Hyundai इस बड़े विस्तार के साथ अपने मार्जिन के लक्ष्यों को कैसे हासिल करती है और नई SUV को किस प्राइस पॉइंट पर लॉन्च किया जाता है।
