Hyundai Motor India ने अपने तालेगांव प्लांट में तय समय से दो साल पहले ही तीसरी शिफ्ट शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य अब इस प्लांट को अगली पीढ़ी की Venue के लिए एक्सक्लूसिव ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करना है।
बड़े निवेश का आगाज
Hyundai Motor India ने अपनी विस्तार योजनाओं को रफ्तार देते हुए 1 अक्टूबर 2026 से पुणे के तालेगांव प्लांट में तीसरी शिफ्ट शुरू कर दी है। यह कदम कंपनी के उस बड़े रोडमैप का हिस्सा है, जिसके तहत 2026 से 2032 के बीच भारतीय ऑटो सेक्टर में USD 15.5 बिलियन यानी करीब ₹1.3 ट्रिलियन का निवेश किया जाएगा।
क्या है मास्टर प्लान?
तालेगांव फैसिलिटी अब नेक्स्ट-जेनरेशन Venue के लिए एकमात्र ग्लोबल प्रोडक्शन बेस बन गई है। इस बदलाव से कंपनी 35 अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक्सपोर्ट को मजबूती देगी। वहीं, चेन्नई प्लांट अब पूरी तरह से घरेलू बाजार के लिए नई SUV और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) पर फोकस करेगा। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक सालाना 1.14 मिलियन यूनिट्स की प्रोडक्शन क्षमता हासिल करना है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factors)
तेजी के साथ-साथ चुनौतियां भी कम नहीं हैं। भारतीय बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी को अपना मार्केट शेयर बचाए रखना होगा। कंपनी 2030 तक 26 नए मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसमें किसी भी तरह की देरी से ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, वेस्ट एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव एक्सपोर्ट वॉल्यूम को प्रभावित कर सकते हैं।
13 अक्टूबर 2026 तक, Hyundai Motor India के शेयर ₹1,961 के आसपास ट्रेड कर रहे थे। अब निवेशकों की नजर कंपनी के नए मॉडल लॉन्च और तालेगांव प्लांट की प्रोडक्शन स्टेबिलिटी पर बनी हुई है।
