Honda Motor ने ट्रकों के लिए हाईवे पर चलते-फिरते (in-motion) वायरलेस चार्जिंग तकनीक का ऐलान किया है। Taisei और Taisei Rotec के साथ मिलकर शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य कमर्शियल लॉजिस्टिक्स को आसान बनाना है, हालांकि भारी इंफ्रास्ट्रक्चर लागत एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
नई तकनीक कैसे काम करेगी?
Honda Motor अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी को एक नए स्तर पर ले जा रही है। कंपनी ऐसी वायरलेस चार्जिंग प्रणाली पर काम कर रही है जिससे भारी-भरकम इलेक्ट्रिक ट्रक चलते हुए ही चार्ज हो सकेंगे। इसके लिए कंपनी ने कंस्ट्रक्शन फर्म Taisei और Taisei Rotec के साथ हाथ मिलाया है। 1 अप्रैल, 2027 से शुरू होने वाले फाइनेंशियल ईयर में जापान के हाईवे पर इसका डेमोंस्ट्रेशन शुरू होगा। यह तकनीक 'मैग्नेटिक कपलिंग' का इस्तेमाल करेगी, जिससे सड़क में लगे चार्जिंग पैड से सीधे गाड़ी की बैटरी में पावर ट्रांसफर होगी। इससे लॉन्ग-हाल ट्रांसपोर्टेशन में बैटरी चार्जिंग के लिए रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जो कि अभी कमर्शियल लॉजिस्टिक्स के लिए एक बड़ा अड़चन है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती स्टेज में है। इसमें केवल व्हीकल टेक्नोलॉजी ही नहीं, बल्कि सड़कों को स्मार्ट नेटवर्क में बदलने के लिए बहुत भारी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश की जरूरत होगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस महंगे निर्माण का खर्च कौन उठाएगा और क्या ये हार्डवेयर भारी ट्रकों के वजन को झेल पाएगा।
इसके अलावा, ध्यान दें कि यह डेवलपमेंट ग्लोबल पेरेंट कंपनी Honda Motor Co से संबंधित है। इसका भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड Honda India Power Products Ltd से कोई सीधा संबंध नहीं है। Honda Motor ने हाल ही में अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 के अर्निंग्स फोरकास्ट को ऊपर की ओर रिवाइज किया है, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन की कमजोरी है। हालांकि, लंबी अवधि की इलेक्ट्रिफिकेशन स्ट्रैटेजी और EV सेक्टर में बढ़ते R&D खर्च कंपनी के मुनाफे पर दबाव बना सकते हैं। कंपनी की वित्तीय सेहत पर इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का क्या असर होगा, इस पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
