ग्रोथ तो है, पर कॉम्पिटिशन से पिछड़ रही रफ्तार?
HMSI ने फरवरी 2026 में कुल 5,67,351 यूनिट्स की बिक्री के साथ 34% की ईयर-ओवर-ईयर (YoY) ग्रोथ हासिल की। इसमें 5,13,190 यूनिट्स डोमेस्टिक मार्केट से आईं, जबकि एक्सपोर्ट 54,161 यूनिट्स तक पहुंच गए, जो पिछले साल के मुकाबले 40.56% ज्यादा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 (अप्रैल 2025-फरवरी 2026) के लिए कंपनी का ईयर-टू-डेट (YTD) परफॉरमेंस भी दमदार रहा, जिसमें कुल 58,20,556 यूनिट्स की बिक्री हुई।
हालांकि, यह ग्रोथ कंपनी के मुख्य प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में कम रही। मार्केट लीडर Hero MotoCorp ने फरवरी 2026 में 44% की दमदार वृद्धि दर्ज करते हुए 5,58,216 यूनिट्स बेचीं, जिसमें मोटरसाइकिल, स्कूटर और एक्सपोर्ट तीनों का बड़ा योगदान रहा। वहीं, TVS Motor Company ने भी 31% की बढ़ोतरी के साथ 5,29,308 यूनिट्स की बिक्री की और अपने मासिक एक्सपोर्ट का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
मार्केट शेयर में हलचल और वैल्यूएशन का फासला
इस कॉम्पिटिशन भरे माहौल में मार्केट शेयर में भी बदलाव दिख रहा है। खासकर स्कूटर सेगमेंट में, जहां HMSI हमेशा से आगे रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले हाफ (H1) में HMSI का स्कूटर मार्केट शेयर पिछले साल के 45% से घटकर 39% हो गया है। वहीं, TVS Motor का शेयर बढ़कर 29% तक पहुंच गया है।
यह कॉम्पिटिशन मार्केट वैल्यूएशन में भी साफ नजर आता है। Hero MotoCorp का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो करीब 20-23x है और मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹1,14,243 करोड़ के आसपास है। दूसरी ओर, TVS Motor को निवेशक काफी प्रीमियम वैल्यू दे रहे हैं, जिसका P/E रेश्यो 60x से 80x+ तक जा रहा है और मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹1,83,842 करोड़ से अधिक है। यह प्रीमियम वैल्यू TVS की भविष्य की ग्रोथ और इनोवेशन की उम्मीदों को दर्शाता है, जबकि HMSI की ठोस लेकिन धीमी ग्रोथ और स्कूटर मार्केट शेयर में गिरावट कंपनी की स्ट्रेटेजी पर सवाल खड़े कर सकती है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का बढ़ता असर
भारतीय टू-व्हीलर मार्केट में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का चलन तेजी से बढ़ रहा है। फरवरी 2026 में, TVS Motor की iQube इलेक्ट्रिक स्कूटर 31,601 यूनिट्स बेचकर टॉप EV टू-व्हीलर बन गई, जिसके बाद Bajaj Chetak और Ather Energy का नंबर आता है। Hero MotoCorp के Vida ब्रांड ने भी 12,514 यूनिट्स बेचीं। HMSI फिलहाल इलेक्ट्रिक स्कूटर मार्केट में एंट्री की योजना बना रही है, लेकिन अभी तक इस तेजी से बढ़ते सेगमेंट में उनका कोई बड़ा कदम नहीं दिखा है, जो भविष्य में एक बड़ा रिस्क साबित हो सकता है।
सेक्टर आउटलुक और आगे की चुनौतियां
इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में ओवरऑल टू-व्हीलर मार्केट ग्रोथ में नरमी आ सकती है, जो 3-5% के बीच रहने की उम्मीद है। फिलहाल, रूरल इनकम (ग्रामीण आय) में सुधार और आसान फाइनेंसिंग के चलते डिमांड बनी हुई है, लेकिन फोकस अब इलेक्ट्रिफिकेशन और कड़े रेगुलेटरी नॉर्म्स पर शिफ्ट हो रहा है। HMSI की लगातार सेल्स ग्रोथ अच्छी है, लेकिन कंपनी को कॉम्पिटिटिव दबाव, स्कूटर मार्केट शेयर में गिरावट और तेजी से बढ़ते EV सेगमेंट में पैठ बनाने जैसी चुनौतियों का सामना करना होगा ताकि मार्केट लीडरशिप और निवेशक का भरोसा बनाए रखा जा सके।