Honda का बड़ा फैसला: ट्रेड वॉर की मार, नॉर्थ अमेरिका में **$11 अरब** का प्रोजेक्ट रोका

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Honda का बड़ा फैसला: ट्रेड वॉर की मार, नॉर्थ अमेरिका में **$11 अरब** का प्रोजेक्ट रोका

अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते ट्रेड टेंशन के चलते Honda ने अपने आठवें नॉर्थ अमेरिकन असेंबली प्लांट की योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया है। USMCA एग्रीमेंट को लेकर अनिश्चितता और भारी टैरिफ के कारण कंपनी ने **$11 अरब** के ईवी (EV) प्रोजेक्ट को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

Honda नॉर्थ अमेरिका में अपने नए असेंबली प्लांट की विस्तार योजना को रोक रही है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट नोरिया काईहारा के अनुसार, भविष्य का निवेश अब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों की स्थिरता पर निर्भर करेगा। कंपनी अभी फुल कैपेसिटी पर काम कर रही है, लेकिन ट्रेड फ्रेमवर्क स्पष्ट न होने के कारण 2030 की प्लानिंग प्रभावित हो रही है।

ट्रेड पॉलिसी अनिश्चितता का असर

जुलाई 2026 में USMCA एग्रीमेंट के 16 साल के विस्तार के खत्म होने के बाद से तनाव बढ़ गया है। 22 अगस्त 2026 को अमेरिका ने कनाडा के $20 अरब के सामान पर 50% टैरिफ लगा दिए। जवाब में कनाडा ने 8 सितंबर 2026 से अमेरिकी उत्पादों पर 15% से 50% तक रिटेलिएटरी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इस माहौल के चलते Honda ने कनाडा में अपना $11 अरब का ईवी और बैटरी प्रोजेक्ट अनिश्चितकाल के लिए सस्पेंड कर दिया है।

हाइब्रिड कारों की ओर बड़ा शिफ्ट

कंपनी अब अपनी स्ट्रैटेजी बदल रही है। 2030 तक कुल बिक्री में 20% इलेक्ट्रिक वाहनों का लक्ष्य रखने के बजाय, Honda अब हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर दांव लगा रही है। कंपनी दशक के अंत तक 15 नए हाइब्रिड मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है। लॉजिस्टिक दबाव कम करने के लिए, कंपनी अब अमेरिकी बाजार के लिए 'सिविक हाइब्रिड' (Civic Hybrid) का उत्पादन इंडियाना (Indiana) में शिफ्ट कर रही है।

निवेशकों के लिए रिस्क और निगरानी

सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्रीय ट्रेड नियमों में अस्थिरता है। USMCA का लॉन्ग-टर्म विस्तार न होने से अब मैन्युफैक्चरर्स को हर साल रिव्यू का सामना करना पड़ेगा। यदि ये टैरिफ बरकरार रहते हैं, तो कंपनी की ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ सकती है और विस्तार में और देरी हो सकती है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी भविष्य में अपने रुके हुए प्रोजेक्ट्स को फिर से शुरू करती है या फिर कम ट्रेड बैरियर वाले क्षेत्रों में रिसोर्स शिफ्ट करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.