Honda Motorcycle and Scooter India (HMSI) अपनी प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाने के लिए **₹2,420 करोड़** का बड़ा निवेश करने जा रही है। कंपनी का लक्ष्य **2028** तक अपनी सालाना उत्पादन क्षमता को **80 लाख यूनिट** तक पहुंचाना है।
अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूती देने के लिए HMSI ने एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। कंपनी इस फंड को दो मुख्य प्लांट में बांट रही है। राजस्थान के टापुकारा (Tapukara) प्लांट में नई प्रोडक्शन लाइन के लिए ₹1,500 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जो 2028 तक शुरू होगी। वहीं, गुजरात के विठलापुर (Vithalapur) प्लांट में चौथी प्रोडक्शन लाइन के लिए ₹920 करोड़ का निवेश होगा, जो 2027 तक ऑपरेशनल हो जाएगी।
इलेक्ट्रिक और प्रीमियम मार्केट पर नजर
कंपनी इस निवेश के जरिए सिर्फ पारंपरिक पेट्रोल इंजन ही नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में भी पकड़ मजबूत करना चाहती है। फिलहाल Activa और Shine जैसे मॉडल्स से मार्केट में दबदबा बनाने के बाद, अब कंपनी Bajaj Auto, TVS Motor, Yamaha और Ather Energy जैसी कंपनियों की कड़ी चुनौती का सामना कर रही है। HMSI जल्द ही अपनी नई इलेक्ट्रिक सीरीज 'Activa e:' और 'QC' के जरिए प्रीमियम सेगमेंट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
अगर आप शेयर बाजार में सक्रिय हैं, तो एक बात का ध्यान रखें—HMSI, जापानी कंपनी Honda Motor Co., Ltd की एक अनलिस्टेड सब्सिडियरी है। यानी इसके शेयर NSE या BSE पर ट्रेड नहीं होते हैं। लोग अक्सर इसे Honda India Power Products Ltd. समझ लेते हैं, जो एक पूरी तरह से अलग लिस्टेड एंटिटी है।
आने वाले समय में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कितनी तेजी से अपनी नई प्रोडक्शन लाइन्स को चालू करती है और भारतीय बाजार में अपने EV पोर्टफोलियो को कैसे स्थापित करती है।
