Hero Motors के शेयर ने तूफानी रफ्तार पकड़ी है। कंपनी का स्टॉक अपने IPO प्राइस ₹84 से बढ़कर ₹167.45 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इस तेजी के पीछे कंपनी का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में बढ़ता फोकस है, हालांकि निवेशकों को कुछ रिस्क फैक्टर्स पर भी नजर रखनी चाहिए।
7 दिनों में रॉकेट बना शेयर
Hero Motors के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। 23 सितंबर, 2026 को शेयर बाजार में डेब्यू करने वाली इस कंपनी का स्टॉक महज 7 ट्रेडिंग सेशन में 99% उछलकर ₹167.45 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया है। इसका इश्यू प्राइस मात्र ₹84 था।
EV की तरफ बड़ा कदम
तेजी की मुख्य वजह कंपनी का पारंपरिक ऑटो कंपोनेंट्स से हटकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पावरट्रेन की ओर शिफ्ट होना है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी के कुल रेवेन्यू में EV प्रोडक्ट्स का योगदान 23% रहा है, जो फाइनेंशियल ईयर 2024 में महज 12% था। यह तेजी ग्लोबल मार्केट में ई-बाइक और हाई-परफॉर्मेंस मोबिलिटी सॉल्यूशंस की बढ़ती डिमांड को भुनाने की रणनीति का नतीजा है।
निवेशकों के लिए सावधानियां
इस शानदार परफॉर्मेंस के बीच कुछ चुनौतियां भी हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए:
- क्लाइंट रिस्क: कंपनी का बड़ा रेवेन्यू कुछ चुनिंदा इंटरनेशनल क्लाइंट्स से आता है। अगर ये ग्राहक डिमांड कम करते हैं, तो सीधे असर मुनाफे पर पड़ेगा।
- कच्चे माल की लागत: कमोडिटी की कीमतों में अस्थिरता कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल सकती है।
- सब्सिडियरी का प्रदर्शन: कंपनी की कुछ सब्सिडियरी यूनिट्स नुकसान में हैं, जिससे पैरेंट कंपनी को लगातार फंड सपोर्ट देना पड़ रहा है। यह कैश फ्लो के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
आगे क्या होगा?
हाल ही में 30 सितंबर, 2026 को हुई 27वीं AGM के बाद कंपनी ने इनसाइडर ट्रेडिंग विंडो को बंद कर दिया है, जो दूसरी तिमाही के नतीजों के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगी। आने वाले समय में कंपनी की सफलता इस बात पर टिकी होगी कि वह अपने मार्जिन को कैसे मेंटेन रखती है और नई तकनीक के विस्तार के साथ बढ़ते खर्चों को कैसे मैनेज करती है।
