Motilal Oswal ने Hero MotoCorp पर अपना भरोसा जताते हुए 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए ₹6,205 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी की ग्रोथ के आउटलुक काफी मजबूत हैं। हालांकि, हाल ही में हुए प्राइस एडजस्टमेंट के बावजूद, इनपुट कॉस्ट में लगातार बढ़ोतरी से निकट अवधि में कंपनी के मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।
ग्रोथ के मुख्य इंजन: हर सेगमेंट में सेल्स का उछाल
Hero MotoCorp के प्रोडक्ट्स की डिमांड में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। इसमें पॉपुलर मॉडल Splendor की मजबूत बिक्री, Glamour और Xtreme125R जैसे नए लॉन्च के कारण 125cc मोटरसाइकिल सेगमेंट में आई रिकवरी, और पारंपरिक व इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री में स्वस्थ ग्रोथ शामिल है। कंपनी के एक्सपोर्ट में भी खास बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो ग्रोथ का एक और जरिया बन रहा है। यह स्टॉक हाल ही में लगभग ₹5,247.00 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले एक साल में 43% बढ़ा है।
पीयर्स के मुकाबले वैल्यूएशन और मार्केट पोजीशन
दुनिया के सबसे बड़े टू-व्हीलर मार्केट, भारत में 2030 तक सालाना 6-8% की ग्रोथ का अनुमान है। Hero MotoCorp का लक्ष्य FY25 से FY28 तक 7% वॉल्यूम CAGR हासिल करना है, जबकि व्यापक इंडस्ट्री में FY26-FY27 में 3-6% ग्रोथ देखी जा सकती है। Hero MotoCorp का मौजूदा प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो लगभग 20-22 है, जो Bajaj Auto (28-31) और TVS Motor Company (57-84) जैसे प्रमुख प्रतिस्पर्धियों से कम है। Hero MotoCorp ने मई 2025 में Q4 FY25 के नतीजे पेश किए थे, जिसमें रेवेन्यू ₹9,939 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹1,081 करोड़ रहा। प्राइस हाइक्स और फेवरेबल प्रोडक्ट मिक्स ने नतीजों को बूस्ट दिया।
भविष्य का नज़रिया: कॉस्ट प्रेशर के बीच ग्रोथ का अनुमान
आगे चलकर, FY25 से FY28 तक 7% वॉल्यूम CAGR की उम्मीद पर Hero MotoCorp से रेवेन्यू, EBITDA और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 11% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करने की उम्मीद है। यह ग्रोथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रिकवरी और स्कूटर व एक्सपोर्ट बिक्री में विस्तार से समर्थित होने की संभावना है। एनालिस्ट्स का आउटलुक काफी पॉजिटिव बना हुआ है, जिसमें 'Strong Buy' रेटिंग और एवरेज प्राइस टारगेट भविष्य में अच्छी तेजी का संकेत दे रहे हैं। कंपनी का FY25 में रिकॉर्ड फुल-ईयर रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट इसकी मजबूत नींव को दर्शाता है, हालांकि मार्जिन में लगातार सुधार के लिए बढ़ती इनपुट कॉस्ट को मैनेज करना एक प्रमुख फोकस बना रहेगा।