Greaves Cotton Share Price: कमाई भागी, प्रॉफिट धड़ाम! EV IPO की तैयारी में कंपनी, निवेशक क्या करें?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Greaves Cotton Share Price: कमाई भागी, प्रॉफिट धड़ाम! EV IPO की तैयारी में कंपनी, निवेशक क्या करें?
Overview

Greaves Cotton के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Revenue) में **22%** की शानदार बढ़ोतरी होकर **₹3,436.6 करोड़** पर पहुंच गया। हालांकि, नेट प्रॉफिट (Net Profit) **662%** की भारी गिरावट के साथ **₹35.3 करोड़** पर आ गया, जिसने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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रेवेन्यू में उछाल, पर मुनाफे पर बड़ा झटका

Greaves Cotton के मैनेजमेंट ने FY26 को 'defining year' बताया, क्योंकि कंपनी स्ट्रैटेजी (Strategy) से हटकर फोकस एक्जीक्यूशन (Execution) पर ले आई। इसी के चलते कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) में 22% की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। FY23-FY25 के ₹2,500-₹3,000 करोड़ के रेंज से बढ़कर यह ₹3,436.6 करोड़ पर पहुंच गया। यह ग्रोथ एनर्जी सॉल्यूशंस, मोबिलिटी सॉल्यूशंस और इंडस्ट्रियल बिजनेस जैसे सभी प्रमुख सेगमेंट से आई। कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस का हिस्सा कोर रेवेन्यू का 13% रहा, जो पिछले साल 9% था। Greaves Electric Mobility (GEM), कंपनी का इलेक्ट्रिक मोबिलिटी डिविजन, भी चमका और उसने FY26 में ₹786 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया।

EV आर्म IPO के लिए तैयार

Greaves Electric Mobility (GEM) कंपनी के ग्रोथ का एक अहम इंजन है। इस डिविजन ने सालाना घाटे को काफी कम किया है और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) मार्केट शेयर को 3.3% से बढ़ाकर 4.4% कर लिया है। यह इसे भारत के टॉप छह E2W मैन्युफैक्चरर्स में शुमार करता है। भारतीय EV मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, अकेले अप्रैल 2026 में E2W की बिक्री 60% से ज्यादा बढ़ी थी। इस स्पेस में TVS Motor, Bajaj Auto, और Ather Energy जैसे बड़े खिलाड़ी हैं। Ather Energy पहले ही ड्राफ्ट IPO फाइल कर चुकी है, और Greaves Electric Mobility ने भी अपने ड्राफ्ट IPO डाक्यूमेंट्स सबमिट कर दिए हैं। इस कदम से वैल्यू अनलॉक (Unlock Value) होने और ग्रोथ के लिए जरूरी कैपिटल जुटाने की उम्मीद है।

प्रॉफिटेबिलिटी की चिंताएं और मार्केट कॉम्पिटिशन

रेवेन्यू में तेजी के बावजूद, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर भारी दबाव दिखा। FY26 के लिए Greaves Cotton का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) साल-दर-साल 662% घटकर केवल ₹35.3 करोड़ रह गया। इसी तिमाही (मार्च क्वार्टर) में, कंपनी ने ₹47 करोड़ का एक वन-टाइम टेक्नोलॉजी राइट-ऑफ (One-time technology write-off) भी रिकॉर्ड किया, जो कि कमर्शियलाइज (Commercialize) न हो सकने वाले टेक्नोलॉजी निवेशों के लिए था। इस चार्ज ने बॉटम लाइन (Bottom Line) पर और असर डाला। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) लगातार कम रहा है, पिछले तीन सालों में औसतन 4.55% और पिछले बारह महीनों में 8.10% रहा है, जो कैपिटल एफिशिएंसी (Capital Efficiency) पर सवाल खड़े करता है। Greaves Cotton ऑटोमोटिव और इंजीनियरिंग सेक्टर में तगड़ी कॉम्पिटिशन (Competition) का सामना करती है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) करीब ₹3,900-₹4,000 करोड़ है, जबकि P/E रेश्यो (P/E Ratio) 37 से 116 के बीच रहा है। यह वैल्यूएशन पीयर्स (Peers) जैसे Hero MotoCorp (P/E 18-19) और Bajaj Auto (P/E 29-31) की तुलना में काफी महंगा लगता है।

स्टॉक पर दबाव और एनालिस्ट्स की राय

इन सब चिंताओं के बीच, Greaves Cotton का स्टॉक पिछले एक साल में दबाव में रहा है, जिसमें 8.84% से लेकर 42.05% तक की गिरावट आई है, जो S&P BSE 100 जैसे प्रमुख इंडेक्स से काफी पीछे है। यह परफॉरमेंस (Performance) बताता है कि हालिया ऑपरेशनल गेन (Operational Gain) निवेशकों का भरोसा जीतने में कामयाब नहीं हुए हैं, खासकर प्रॉफिट को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। हालांकि, एनालिस्ट (Analysts) आमतौर पर स्टॉक को 'Strong Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जिसका टारगेट प्राइस ₹155.00 है, जो कि मौजूदा ट्रेडिंग प्राइस से थोड़ा कम है, जो मार्केट वॉचर्स (Market Watchers) की सतर्कता को दर्शाता है।

आगे की राह

Greaves Cotton का FY26 का नतीजा रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी की चुनौतियों का मिला-जुला परिदृश्य दिखाता है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी आर्म का IPO एक अहम इवेंट है, जिससे कैपिटल मिलने और वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद है। लेकिन, निवेशकों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि कंपनी ऑपरेशनल एक्जीक्यूशन और रेवेन्यू ग्रोथ को लगातार प्रॉफिट में कैसे बदल पाती है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि रेवेन्यू ग्रोथ अंततः बॉटम लाइन को बेहतर बनाएगी, लेकिन ₹47 करोड़ का राइट-ऑफ और कम ROE जैसे आंकड़े तब तक सतर्कता के साथ उम्मीद करने को मजबूर करते हैं जब तक कि प्रॉफिटेबिलिटी मेट्रिक्स (Profitability Metrics) में ठोस सुधार न दिखे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.