ग्लोबल ऑटोमोटिव सप्लायर Gestamp ने गुजरात के भागपुरा में अपनी पांचवीं भारतीय मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू की है। **₹523.7 करोड़** के निवेश से बने इस प्लांट में अत्याधुनिक हॉट-स्टैम्पिंग तकनीक का इस्तेमाल होगा, जो गाड़ियों के वजन को कम करने वाले पार्ट्स बनाने पर केंद्रित है।
स्पेन की दिग्गज ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग कंपनी Gestamp ने गुजरात के भागपुरा में अपने नए मैन्युफैक्चरिंग हब का कामकाज शुरू कर दिया है। 31,000 वर्ग मीटर में फैला यह प्लांट कंपनी का भारत में पांचवां कारखाना है, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ऑटो कंपनियों को हाई-टेक कंपोनेंट्स की सप्लाई करेगा।
नई टेक्नोलॉजी का दम
यह साइट हॉट-स्टैम्पिंग लाइन्स और लेजर-कटिंग टेक्नोलॉजी से लैस है, जो बॉडी-इन-व्हाइट (BiW) पार्ट्स बनाने में सक्षम है। भारत में वाहनों की सुरक्षा और फ्यूल एफिशिएंसी को लेकर बढ़ते नियमों के बीच, हल्की और मजबूत धातुओं की मांग बढ़ी है। Gestamp की यह यूनिट कार के ढांचे को हल्का बनाने में मदद करेगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम करने और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को पूरा करने में बड़ी भूमिका मिलेगी।
निवेशकों के लिए क्या है मतलब?
भारतीय निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि Gestamp Automocion S.A. स्पेन की कंपनी है और BME एक्सचेंज पर लिस्टेड है। यह कंपनी NSE या BSE पर मौजूद नहीं है, इसलिए रिटेल निवेशकों के लिए इसमें सीधा निवेश का विकल्प नहीं है। हालांकि, यह विस्तार ऑटो-एंसिलरी सेक्टर के लिए एक बेंचमार्क है, जो दिखाता है कि ग्लोबल कंपनियां भारत में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए कितना गंभीर हैं।
रिस्क और चुनौतियां
ग्रोथ के साथ-साथ कंपनी ग्लोबल सप्लाई चेन के रिस्क भी झेल रही है। साल 2026 के मध्य तक कंपनी पर करीब €1.77 बिलियन का नेट डेट (कर्ज) है। साथ ही, कंपनी का नेट डेट टू EBITDA रेशियो 1.5x से 1.6x के बीच बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि कंपनी अपनी नई क्षमता का कितना प्रभावी उपयोग करती है और अपने ग्लोबल कर्ज के बोझ के बीच इस बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर को कैसे बैलेंस करती है।
