केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए एक नई टैरिफ योजना का सुझाव दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक, रात में बिजली की दरें **₹3** प्रति यूनिट और दिन में **₹5** प्रति यूनिट हो सकती हैं। यह कदम EV चलाने की लागत को काफी कम कर सकता है, हालांकि अभी यह केवल एक प्रस्ताव है और इसे आधिकारिक मंजूरी मिलना बाकी है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिक वाहनों की रनिंग कॉस्ट कम करने के लिए एक नई प्राइसिंग स्ट्रक्चर पेश की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल और डीजल की तुलना में बिजली से चलने वाले वाहनों को ज्यादा किफायती बनाना है। गडकरी के सुझाव के अनुसार, रात के समय चार्जिंग रेट ₹3 प्रति यूनिट और दिन के समय ₹5 प्रति यूनिट हो सकते हैं।
ग्राहकों की बचत और सरकारी विजन
इस नई दर व्यवस्था से गाड़ी चलाने का खर्च काफी कम हो जाएगा। मंत्री के अनुमान के अनुसार, 1,000 किलोमीटर की यात्रा अब मात्र ₹600 के आसपास पूरी हो सकती है, जो पेट्रोल या डीजल वाहनों की तुलना में बहुत बड़ी बचत है। यह बदलाव पैसेंजर और कमर्शियल दोनों सेगमेंट में EV अपनाने की गति को तेज कर सकता है।
निवेशकों के लिए सावधानी
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि फिलहाल यह सिर्फ एक नीतिगत प्रस्ताव (Policy Proposal) है, न कि कोई सरकारी नोटिफिकेशन। इसे लागू करने का कोई निश्चित समय अभी तय नहीं है। इस योजना की सफलता ग्रिड की तैयारी और स्टेट-लेवल की रेगुलेटरी मंजूरियों पर निर्भर करेगी।
मार्केट पर असर
सरकार का विजन सिर्फ इलेक्ट्रिक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें हाइड्रोजन, इथेनॉल और बायो-फ्यूल जैसे विकल्प भी शामिल हैं। Tata Motors, Ashok Leyland और Reliance जैसी कंपनियां पहले से ही इस एनर्जी ट्रांजिशन के अलग-अलग पहलुओं में काम कर रही हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि इस प्रस्ताव को राज्य सरकार से कब और किस रूप में मंजूरी मिलती है, क्योंकि अंतिम नोटिफिकेशन ही असल में बाजार की दिशा तय करेगा।
