Force Motors Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q3 में 123% उछला नेट प्रॉफिट, शेयर में तूफानी तेजी की उम्मीद

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Force Motors Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q3 में 123% उछला नेट प्रॉफिट, शेयर में तूफानी तेजी की उम्मीद
Overview

**Force Motors** के निवेशकों के लिए आज की खबर बेहद शानदार है! कंपनी ने Q3 FY26 में अपने दमदार नतीजों से सबको चौंका दिया है। **Profit After Tax (PAT)** बिफोर एक्सेप्शनल आइटम्स में **123%** की जोरदार उछाल देखी गई, जो **₹328 करोड़** पर पहुँच गया। यह कमाल **14%** बढ़ी हुई सेल्स की बदौलत हुआ, जो **₹2,110 करोड़** रही।

नतीजों का पूरा लेखा-जोखा

Force Motors Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों (9M FY26) के लिए बेहद मजबूत वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने प्रमुख वित्तीय पैमानों पर साल-दर-साल शानदार ग्रोथ दिखाई है।

तिमाही के आँकड़े

Q3 FY26 के दौरान, कंपनी की सेल्स 14% बढ़कर ₹2,110 करोड़ पर पहुँच गई। सबसे खास बात यह रही कि एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले का Profit After Tax (PAT) पिछले साल की तुलना में 123% उछलकर ₹328 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, एक्सेप्शनल आइटम्स को छोड़ दें तो Profit Before Tax (PBT) में भी 62% की बड़ी बढ़ोतरी हुई और यह ₹245 करोड़ रहा।

मार्जिन में सुधार

कंपनी ने अपनी लाभप्रदता (profitability) में भी शानदार सुधार किया है। इस तिमाही में PBT मार्जिन बढ़कर 12% और PAT मार्जिन 15% तक पहुँच गया।

नौ महीनों के नतीजे

नौ महीनों (9M FY26) के आंकड़े भी दमदार हैं। इस दौरान सेल्स 13.8% की तेजी के साथ ₹6,451 करोड़ पर पहुँच गई, जबकि एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले का PAT 110.4% बढ़कर ₹779 करोड़ हो गया।

निवेश और रिटर्न

कंपनी के नतीजों के साथ-साथ, निवेश पर रिटर्न (Return on Invested Capital - ROIC) को देखना भी अहम है। फाइनेंशियल ईयर 25 में ₹409 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) हुआ, जो ऑपरेशन से प्राप्त नकदी (Cash Flow from Operations - CFO) ₹367 करोड़ से थोड़ा ज्यादा था। यह संकेत देता है कि कंपनी निवेश चक्र में है, जिस पर भविष्य में नजर रखनी होगी। फाइनेंशियल ईयर 25 के लिए एनुअलाइज्ड ROIC 8.86% दर्ज किया गया।

भविष्य की योजनाएं और ईएसजी

कंपनी भविष्य के लिए बड़े कदम उठा रही है। ₹150 करोड़ का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट 'डिजिफोर्स' (Project Digiforce) और एचआर ट्रांसफॉर्मेशन के लिए 'प्रोजेक्ट लक्ष्य' (Project Lakshya) पर काम चल रहा है। इन प्रोजेक्ट्स का मकसद ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाना है। इसके अलावा, कंपनी अपने ईएसजी (ESG) एजेंडा पर भी सक्रिय है। ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन की तीव्रता में 22% की कमी आई है और 13.47% रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल हो रहा है। कंपनी की लंबी अवधि की योजना ग्लोबल वैन मैन्युफैक्चरर बनने और पैसेंजर मोबिलिटी सॉल्यूशंस में अपनी पहचान बनाने की है। निवेशकों को इन प्रोजेक्ट्स के अमल और कंपनी की लाभप्रदता बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए।

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