Force Motors Q1 Results: मुनाफा 23% बढ़ा, पर मार्जिन पर दबाव

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Force Motors Q1 Results: मुनाफा 23% बढ़ा, पर मार्जिन पर दबाव

Force Motors ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **22.8%** बढ़कर **₹216.6 करोड़** रहा, जबकि रेवेन्यू में **6.2%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, बढ़ते कर्मचारी और ऑपरेशनल खर्चों के चलते कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन में पिछले साल की तुलना में थोड़ी गिरावट आई है।

मुनाफे में जोरदार उछाल, पर मार्जिन पर हुआ असर

Force Motors ने 30 जून को खत्म हुई पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस अवधि में कंपनी ने ₹216.6 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹176.4 करोड़ के मुकाबले 22.8% की बढ़ोतरी है। कंपनी के रेवेन्यू में भी 6.2% का इजाफा हुआ और यह ₹2,440 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹2,297 करोड़ था।

खर्चों में बढ़ोतरी से मार्जिन पर दबाव

हालांकि, कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर खर्चों का असर साफ दिखा। ऑपरेटिंग EBITDA, जो ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले का मुख्य बिजनेस प्रॉफिट दिखाता है, पिछले साल के ₹332 करोड़ से घटकर ₹328 करोड़ रह गया। इसी के चलते, ऑपरेटिंग मार्जिन घटकर 13.4% पर आ गया, जो पिछले साल 14.5% था। इस गिरावट की मुख्य वजह कर्मचारी बेनिफिट खर्चों का ₹166 करोड़ से बढ़कर ₹195 करोड़ होना और अन्य ऑपरेशनल खर्चों का ₹148 करोड़ से बढ़कर ₹187 करोड़ हो जाना है। इसके अलावा, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन का खर्च बढ़कर ₹77 करोड़ हो गया है।

नया अधिग्रहण और रेगुलेटरी बदलाव

कॉर्पोरेट मोर्चे पर, Force Motors ने Veera Tanneries Pvt. Ltd. का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जो अब कंपनी की पूरी तरह से नियंत्रित सब्सिडियरी के तौर पर काम कर रही है। इस नई यूनिट के फाइनेंशियल रिजल्ट्स को कंसोलिडेटेड नतीजों में शामिल किया गया है। साथ ही, कंपनी ने एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन (एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल्स) रूल्स, 2025 के तहत नियमों का पालन करने के लिए कदम उठाए हैं। इसमें व्हीकल डिस्पोजल से जुड़ी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए प्रोविजन्स करना शामिल है।

कंपनी ने गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स, वल्लभ भंसाली, मुकेश पटेल और सोनिया प्रशर की दूसरे पांच साल के टर्म के लिए नियुक्ति का प्रस्ताव रखा है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके अलावा, सीनियर मैनेजमेंट टीम में भी कुछ बदलाव किए गए हैं जो 29 जुलाई, 2026 से प्रभावी हैं।

निवेशकों के लिए, आने वाली तिमाहियों में कंपनी के बढ़ते ऑपरेशनल और कर्मचारी खर्चों को संभालने की क्षमता पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। रेवेन्यू में ग्रोथ के बावजूद, मार्जिन पर दबाव यह दर्शाता है कि प्रॉफिटेबिलिटी के लिए ग्रोथ और कॉस्ट कंट्रोल के बीच संतुलन बनाना अहम होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.