Force Motors Limited ने अपना फाइनेंशियल ईयर 2025-26 20% की शानदार डोमेस्टिक सेल्स ग्रोथ के साथ पूरा किया है। कंपनी की यह तरक्की मुख्य रूप से व्हीकल सेगमेंट में दमदार परफॉर्मेंस और भारतीय सेना से मिले एक खास ऑर्डर की वजह से संभव हुई है।
FY26 में डोमेस्टिक होलसेल बिक्री 30,531 यूनिट्स से बढ़कर 36,536 यूनिट्स पर पहुंच गई। अकेले मार्च 2026 में ही साल-दर-साल 14% की तेजी देखी गई। Force Traveller वैन अपने लाइट कमर्शियल व्हीकल (LCV) सेगमेंट में 70% से ज्यादा की हिस्सेदारी बनाए हुए है, खासकर स्कूल ट्रांसपोर्ट और एम्बुलेंस की लगातार मांग के चलते। Force Urbania की वॉल्यूम ग्रोथ 100% से ज्यादा रही, जबकि Force Trax प्लेटफॉर्म की मांग छोटे शहरों में बढ़ी, जिससे इसमें 70% से ज्यादा का इजाफा हुआ। एक अहम पड़ाव तब आया जब भारतीय सेना को 600 Force Gurkha यूनिट्स की शुरुआती सप्लाई शुरू की गई। 31 मार्च 2026 तक Force Motors का मार्केट कैप करीब ₹25,566 करोड़ था।
हालांकि Force Motors अपने खास सेगमेंट में मजबूत है, लेकिन बड़े कमर्शियल व्हीकल (CV) मार्केट में Tata Motors, Mahindra & Mahindra, और Ashok Leyland जैसे दिग्गज हावी हैं। CV रिटेल सेल्स में Force Motors की मार्केट शेयर जनवरी 2026 में 1.57% थी। पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट में Maruti Suzuki सबसे आगे है, जबकि FY26 में Mahindra ने Hyundai को पछाड़कर दूसरा स्थान हासिल किया।
आगे चलकर, भारतीय ऑटोमोटिव सेक्टर में ग्रोथ धीमी होने का अनुमान है। ICRA का अनुमान है कि FY26-27 में वॉल्यूम ग्रोथ 3-6% तक सीमित रहेगी, जो FY25-26 की ऊंची दरों से कम है। PV सेगमेंट में 4-6% और बस सेगमेंट में 7-9% की ग्रोथ का अनुमान है, जबकि LCV ग्रोथ 3-5% तक नरम पड़ने की उम्मीद है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा, नए एमिशन स्टैंडर्ड्स के अनुपालन की लागत और अल्टरनेटिव पावरट्रेन की ओर झुकाव भी इंडस्ट्री के अहम ट्रेंड्स हैं।
Force Motors के शेयर ने मार्च 27, 2026 तक पिछले 12 महीनों में करीब 132.36% का जबरदस्त उछाल दर्ज किया, जो S&P BSE 100 इंडेक्स से काफी बेहतर है। मार्च 2026 के अंत में करीब ₹20,400 पर ट्रेड कर रहे शेयर का पिछले बारह महीनों का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 18.73 से 23.9 के बीच था। खास बात यह है कि कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.00 है। दिसंबर 2025 की तिमाही में नेट प्रॉफिट में भी साल-दर-साल 266.0% की भारी बढ़ोतरी के साथ ₹403 करोड़ दर्ज किया गया था।
हालांकि एनालिस्ट्स का मानना है कि Force Motors 'Strong Buy' की कैटेगरी में है, लेकिन कंपनी के सामने कुछ बड़े जोखिम भी हैं। कंपनी का काफी रेवेन्यू Force Traveller की निरंतर डोमिनेंस पर निर्भर करता है। इस अहम LCV सेगमेंट में किसी भी तरह की रुकावट या बढ़ती प्रतिस्पर्धा से कंपनी के नतीजों पर बुरा असर पड़ सकता है। डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट सकारात्मक है, लेकिन यह एक साइक्लिकल बिजनेस है और भविष्य में ऑर्डर मिलने की कोई गारंटी नहीं है। इसके अलावा, एक फाइनेंशियल एनालिसिस में बिल्कुल विपरीत तस्वीर पेश की गई है, जिसमें अगले साल Force Motors के रेवेन्यू में 47% और नेट इनकम में 84% की भारी गिरावट का अनुमान लगाया गया है। यह फोरकास्ट बताता है कि मौजूदा डिमांड में उछाल शायद टिकाऊ न हो, खासकर जब पूरा सेक्टर ग्रोथ को धीमा कर रहा है और रेगुलेटरी कॉस्ट बढ़ने की संभावना है।
निवेशकों के सामने एक मिला-जुला परिदृश्य है। कंपनी की खास मार्केट स्ट्रेंथ और कर्ज-मुक्त स्थिति फायदे की बात है, लेकिन ऑटो सेक्टर में मंदी का अनुमान और चिंताजनक अर्निंग प्रोजेक्शन भविष्य की चुनौतियों की ओर इशारा करते हैं। कंपनी की मौजूदा ग्रोथ रेट को बनाए रखने की क्षमता इन फैक्टर्स और बढ़ती इंडस्ट्री प्रतिस्पर्धा के मुकाबले परखी जाएगी।