ड्यूटी में कटौती से खुला भारत का बाज़ार
इंपोर्ट ड्यूटी में भारी कटौती, जो अब तक 110% थी, घटकर सिर्फ 30% रह गई है। यह भारत के अल्ट्रा-लक्जरी कार बाजार में बड़ा बदलाव लाने वाली है। Ferrari के साउथ ईस्ट एशिया और इंडिया के रीजनल हेड, चार्ल्स एंटोनी जेनेस्ट (Charles Antoine Geneste) ने इस कमी को "बहुत बड़ा सुधार" बताया है, जिससे यह बाज़ार कहीं ज़्यादा सुलभ और पारदर्शी हो गया है।
भारत के लिए विशेष यूनिट: ग्रोथ का नया प्लान
यह कदम Ferrari की लंबी अवधि की ग्रोथ प्लानिंग का हिस्सा है। कंपनी ने हाल ही में साउथ ईस्ट एशिया और इंडिया के लिए एक खास डिवीजन बनाई है, जिसमें भारत को मुख्य फोकस में रखा गया है। Ferrari, जिसकी कारों की कीमत ₹3.3 करोड़ से ₹10.3 करोड़ (एक्स-शोरूम) तक है, ज़बरदस्त डिमांड की उम्मीद कर रही है। कस्टम ऑर्डर के लिए मौजूदा वेटिंग टाइम 18 महीने तक जा सकता है। जो खरीदार अभी ऑर्डर करेंगे, उन्हें EU-India फ्री ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल होने के बाद कम कीमतों का फायदा मिलेगा, जिसके अगले 12 से 18 महीनों में लागू होने की उम्मीद है।
भारत का 'चमकता' बाज़ार और इसके खरीदार
जेनेस्ट ने भारत को लेकर मज़बूत उम्मीद जताई है और बाज़ार को "चमकता हुआ" बताया है। यह सकारात्मक नज़रिया बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे कि वर्ल्ड-क्लास रेसिंग ट्रैक, के कारण और मज़बूत होता है, जो सुपरकार मालिकों की चिंताओं को कम करते हैं। भारत में आमतौर पर Ferrari खरीदार युवा उद्यमी या टेक प्रोफेशनल्स होते हैं, जिनकी उम्र अक्सर 35-40 साल के बीच होती है और जिनका इंटरनेशनल अनुभव काफी ज़्यादा होता है। Ferrari इन ग्राहकों को ट्रैक डेज़ और इवेंट्स के ज़रिए "Ferrari DNA" का पूरा अनुभव देती है।
FTA डील: यूरोपीय ऑटोमेकर्स के लिए जीत
EU-India फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जनवरी 2026 में फाइनल होने की उम्मीद है, जो दो दशक से चली आ रही बातचीत को खत्म करेगा। हालांकि Ferrari खरीदार सिर्फ कीमत से प्रेरित नहीं होते, लेकिन यह बढ़ी हुई सुलभता (accessibility) खरीदारों के फैसलों में एक अहम कारक है। भारत के तेज़ इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ और अनुकूल GST सिस्टम के साथ, ये तत्व भारत के लिए Ferrari के आशावादी दृष्टिकोण को बढ़ावा दे रहे हैं।
Ferrari का ग्लोबल फुटप्रिंट
दुनिया भर में, Ferrari ने 2025 में 13,640 गाड़ियां बेचीं। हालांकि भारत में बिक्री का वॉल्यूम फिलहाल मामूली है, लेकिन FTA से प्रेरित संभावित वृद्धि काफी महत्वपूर्ण है।
