लग्जरी कार ब्रांड Ferrari भारत में अपना नेटवर्क बढ़ा रहा है। कंपनी चेन्नई और अहमदाबाद में नए शोरूम खोलेगी। इसके साथ ही, कंपनी EU-India फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बारीकी से नजर रख रही है, जिससे इंपोर्ट ड्यूटी **110%** से घटकर **10%** तक आ सकती है।
लग्जरी ऑटोमेकर Ferrari ने भारत में अपनी पहुंच को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने चेन्नई में KUN Group और अहमदाबाद में Infinity Group के साथ साझेदारी करके नए शोरूम खोलने की योजना बनाई है। अब तक कंपनी की मौजूदगी दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई तक सीमित थी, लेकिन अब यह दायरा बढ़ रहा है।\n\n### ट्रेड डील का गणित\nइस विस्तार के पीछे एक बड़ी रणनीति है, जो EU-India के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से जुड़ी है। वर्तमान में, विदेशों से आने वाली लग्जरी कारों पर 110% तक भारी इंपोर्ट ड्यूटी लगती है। अगर यह डील सफल होती है और ड्यूटी घटकर 10% के करीब आती है, तो भारत में लग्जरी कारों की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। Ferrari ने संकेत दिए हैं कि टैक्स घटने का सीधा फायदा ग्राहकों को मिल सकता है।\n\n### क्या है बिजनेस मॉडल का रिस्क?\nनिवेशकों को यह समझना जरूरी है कि Ferrari का पूरा बिजनेस मॉडल 'Completely Built Unit' (CBU) यानी सीधे इंपोर्ट पर टिका है। मर्सिडीज-बेंज (Mercedes-Benz), बीएमडब्ल्यू (BMW) और ऑडी (Audi) जैसी कंपनियों ने भारत में असेंबली प्लांट लगाकर ड्यूटी के असर को कम कर लिया है, लेकिन Ferrari अभी भी पूरी तरह इंपोर्ट टैरिफ के प्रति संवेदनशील है।\n\nकंपनी बाजार की नब्ज टटोलने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल कॉन्सेप्ट्स और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) के साथ मिलकर स्थानीय डिजाइन एलिमेंट्स पर भी काम कर रही है। हालांकि भारत का लग्जरी मार्केट अभी भी एक 'नीश' सेगमेंट है, लेकिन ट्रेड डील से जुड़े सरकारी अपडेट्स कंपनी के भविष्य के लिए गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।
