Exide Industries ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी बाजार में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी बेंगलुरु में लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विस्तार के लिए FY27 तक ₹1,400 करोड़ का निवेश करेगी।
EV क्रांति में Exide की एंट्री
Exide Industries इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की बढ़ती मांग को भुनाने के लिए तैयार है। कंपनी बेंगलुरु स्थित अपनी लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में ₹1,400 करोड़ का अतिरिक्त निवेश करने जा रही है। यह बड़ा निवेश वित्तीय वर्ष 2026-27 तक पूरा किया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य भारत में EV बैटरी की बढ़ती जरूरत को पूरा करना और आयातित सेल्स पर निर्भरता कम करना है।
प्रोडक्शन की पहली झलक
कंपनी ने अपनी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बताया कि बेंगलुरु प्लांट के पहले चरण में 6 GWh की प्रोडक्शन कैपेसिटी तैयार की जाएगी। Exide Industries ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही तक संभावित ग्राहकों को सैंपल्स भेजने का काम शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि घरेलू स्तर पर निर्मित सेल्स से पहली कमाई वित्तीय वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही तक शुरू हो जाएगी।
बड़ा निवेश, बड़ी रणनीति
Exide Energy Solutions Ltd. नामक अपनी सब्सिडियरी में कंपनी का कुल इक्विटी निवेश बढ़कर ₹4,802 करोड़ हो गया है, जिसमें हालिया निवेश भी शामिल है। इससे पहले, वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹1,500 करोड़ का निवेश किया गया था। कंपनी का लक्ष्य है कि पारंपरिक लेड-एसिड बैटरी बिजनेस से अगले तीन सालों में ₹20,000 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू हासिल किया जाए, जो पिछले साल के ₹17,200 करोड़ से काफी ज्यादा है।
सरकारी मदद और बाजार का हाल
भारत में लिथियम-आयन बैटरीज का बाजार लगभग 20 GWh का है, जिसमें से अधिकांश की मांग आयात से पूरी होती है। सरकार द्वारा सेल मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी मशीनरी पर इंपोर्ट ड्यूटी हटाने के फैसले ने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया है।
आगे की राह
अब Exide Industries के लिए 6 GWh कैपेसिटी को समय पर और गुणवत्ता के साथ स्थापित करना एक बड़ी चुनौती होगी। EV बाजार में तेजी को देखते हुए, कंपनी भविष्य में 6 GWh की और कैपेसिटी जोड़ने की योजना बना रही है। निवेशकों की नजर कंपनी के प्रोडक्शन टारगेट्स और ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ लॉन्ग-टर्म सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स पर रहेगी। लेड-एसिड बिजनेस जहां लगातार मुनाफा दे रहा है, वहीं लिथियम-आयन प्रोजेक्ट में बड़े पूंजी निवेश की जरूरत होगी।
