Exide Industries अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी सब्सिडियरी Exide Energy Solutions में निवेश को तेजी से बढ़ा रही है, ताकि भारत के तेजी से बढ़ते EV बाजार का फायदा उठाया जा सके। कंपनी ने 25 मार्च 2026 को Rights Issue के जरिए Exide Energy Solutions में ₹450 करोड़ का यह नया निवेश किया है।
इस पूंजी निवेश का मुख्य उद्देश्य बेंगलुरु में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करना है, जहां लिथियम-आयन सेल, मॉड्यूल और पैक बनाए जाएंगे। इस निवेश के बाद, Exide Industries की अपनी EV बैटरी सब्सिडियरी के लिए कुल प्रतिबद्धता ₹4,802.23 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी ने अपनी 100% हिस्सेदारी बरकरार रखी है।
हालांकि, Exide Energy Solutions, जो मार्च 2022 में शुरू हुई थी, को अभी शुरुआती वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के लिए, सब्सिडियरी ने ₹116.89 करोड़ के टर्नओवर पर ₹209.12 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। यह उस समय की बात है जब Exide Industries का शेयर लगभग 29.9x के P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रहा था, जबकि इसके प्रतिद्वंद्वी Amara Raja Energy & Mobility का P/E रेश्यो 13.7x से 18.7x के दायरे में था।
भारतीय सरकार EV बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को Advanced Chemistry Cell (ACC) Production Linked Incentive (PLI) स्कीम जैसी पहलों से बढ़ावा दे रही है, जिसका कुल खर्च INR 181 बिलियन है। हालांकि, इस स्कीम के कार्यान्वयन में देरी और सख्त वैल्यू एडिशन नियमों के कारण, अक्टूबर 2025 तक केवल 2.8% क्षमता ही शुरू हो पाई थी। लिथियम और निकल प्रोसेसिंग के लिए नई सब्सिडी योजनाएं 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली हैं।
विश्लेषकों की राय मिली-जुली है। MarketsMojo ने मार्च 2026 में वैल्यूएशन और टेक्निकल फैक्टर का हवाला देते हुए स्टॉक को 'Sell' रेटिंग दी थी। वहीं, अन्य विश्लेषकों की 'Moderate Buy' की सहमति है, जिनके अनुसार 12-महीने का प्राइस टारगेट लगभग ₹430 से ₹435 तक जा सकता है।
बड़ी पूंजी निवेश और सब्सिडियरी के वर्तमान में घाटे में चलने के कारण, लाभप्रदता की समय-सीमा और बढ़ती लागतों को प्रबंधित करने की क्षमता को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। बैटरी मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को भारी पूंजी की आवश्यकता होती है और यह चांदी, टिन, तांबा जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है, जिससे लागत पर दबाव पड़ता है।
इसके बावजूद, Exide Industries ने हाल ही में FY25-26 की तीसरी तिमाही में ₹4,000 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू दर्ज किया है। साथ ही, अधिक बिक्री वॉल्यूम और बेहतर लागत प्रबंधन के कारण EBITDA मार्जिन बढ़कर 11.7% हो गया है। कंपनी की प्रेजेंटेशन के अनुसार, बेंगलुरु में लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का फेज 1, FY2026 की तीसरी तिमाही तक चालू होने की उम्मीद है। मौजूदा चुनौतियों के बावजूद, औसत विश्लेषक प्राइस टारगेट लगभग ₹430 पर बना हुआ है, जो Exide के EV बैटरी क्षेत्र में उतरने की दीर्घकालिक संभावनाओं के बारे में कुछ विश्लेषकों के आशावाद को दर्शाता है।