Exide Industries ने अपनी सब्सिडियरी Exide Energy Solutions में **₹99.99 करोड़** का बड़ा निवेश किया है। यह पैसा बेंगलुरु में बनने वाली लिथियम-आयन सेल प्लांट के लिए है। यह निवेश कंपनी की इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी मार्केट में पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है, भले ही यह यूनिट अभी घाटे में चल रही है।
EV स्पेस में Exide का बड़ा दांव
Exide Industries ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की दुनिया में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी Exide Energy Solutions Ltd (EESL) में ₹99.99 करोड़ का निवेश किया है। यह पैसा करीब 2.86 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदने में इस्तेमाल हुआ है, जिनकी कीमत ₹35 प्रति शेयर है। इस कीमत में फेस वैल्यू से ₹25 का प्रीमियम भी शामिल है। इस ताज़ा निवेश के बाद, Exide Industries ने EESL में कुल मिलाकर ₹4,902.23 करोड़ लगा दिए हैं।
बेंगलुरु में लिथियम-आयन सेल का मैन्युफैक्चरिंग हब
यह फंड बेंगलुरु में एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के लिए रखे गए हैं, जिसका मकसद मल्टी-गीगावाट लिथियम-आयन बैटरी सेल का निर्माण करना है। यह फैसिलिटी Exide की लंबी अवधि की रणनीति का अहम हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अपने पारंपरिक लेड-एसिड बैटरी बिजनेस से हटकर इलेक्ट्रिक व्हीकल और एनर्जी स्टोरेज के लिए एडवांस्ड केमिस्ट्री सॉल्यूशंस की ओर बढ़ना चाहती है। जनवरी 2026 में ही बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए ₹1,400 करोड़ तक के कुल निवेश को मंजूरी दी थी।
वित्तीय स्थिति और आगे की राह
हालांकि यह निवेश कंपनी के आक्रामक विस्तार को दिखाता है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि EESL फिलहाल एक कैपिटल-इंटेंसिव फेज से गुजर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, सब्सिडियरी ने ₹157.56 करोड़ का टर्नओवर दिखाया, लेकिन ₹248.16 करोड़ का घाटा भी दर्ज किया। लिथियम-आयन मैन्युफैक्चरिंग जैसे जटिल क्षेत्र में एक नए खिलाड़ी के तौर पर, EESL के सामने कॉम्पिटिटिव मार्केट में प्रॉफिटेबल स्केल हासिल करने और हाई-कैपेसिटी यूटिलाइजेशन की चुनौती है। यह देखना अहम होगा कि कंपनी लागतों को कैसे मैनेज करती है और फैसिलिटी के प्रोडक्शन बढ़ने के साथ-साथ ऑपरेशंस को कैसे स्थिर करती है।
शेयर बाज़ार पर प्रतिक्रिया
इस खबर पर Exide Industries के स्टॉक में मामूली प्रतिक्रिया देखी गई। शेयर बीएसई (BSE) पर 0.012% के मामूली उछाल के साथ ₹419.20 पर बंद हुआ। चूंकि EESL पूरी तरह से Exide Industries के अधीन है, इसलिए यह डील रिलेटेड-पार्टी डील मानी जाती है, जिसे कंपनी ने आर्म्स-लेंथ बेसिस पर किया है। आगे निवेशक बेंगलुरु प्लांट के निर्माण की गति, बाकी मंजूर फंड की निकासी और यूनिट द्वारा मार्जिन में सुधार की रफ्तार पर नजर रखेंगे, ताकि पैरेंट कंपनी की कंसॉलिडेटेड अर्निंग्स पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके।
