रणनीतिक बढ़त और बाजार की प्रतिक्रिया
Exide Industries का यह निवेश इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी जैसे हाई-ग्रोथ, कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर की ओर एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है। यह पैसा EESL को अपनी ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं स्थापित करने में मदद करेगा, जिसका लक्ष्य भारत की तेज़ी से बढ़ती ई-मोबिलिटी और स्टेशनरी पावर की मांगों को पूरा करना है।
इस घोषणा के बाद, Exide Industries के शेयर में मंगलवार को मामूली 0.55% की गिरावट आई और यह 336.45 पर बंद हुआ। बाजार की यह मिली-जुली प्रतिक्रिया इस बात का संकेत देती है कि निवेशक, कंपनी द्वारा अपनी घाटे वाली लिथियम-आयन सब्सिडियरी में बड़े पैमाने पर पूंजी लगाने को लेकर थोड़े सतर्क हैं। इस 100 करोड़ के निवेश के साथ, EESL में Exide Industries का कुल निवेश बढ़कर 4352.23 करोड़ हो गया है।
मूल कंपनी के नतीजे
जहां सब्सिडियरी विस्तार की ओर बढ़ रही है, वहीं मूल कंपनी Exide Industries ने अपनी तीसरी तिमाही में स्थिर प्रदर्शन दिखाया है। कंपनी ने 257 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 4.9% की बढ़ोतरी है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी 4.7% बढ़कर 4029 करोड़ रहा।
बाजार का विश्लेषण और भविष्य की संभावनाएं
Exide Industries का करेंट TTM (Trailing Twelve Months) प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो लगभग 32.4 है, और इसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 28755.5 करोड़ है। इसकी तुलना में, इसकी पीयर कंपनी Amara Raja Energy & Mobility का TTM P/E रेश्यो 15.1 और मार्केट कैप लगभग 15688.6 करोड़ है।
भारतीय EV बैटरी मार्केट में भारी ग्रोथ की उम्मीद है। यह बाजार 2025 में 17.7 GWh से बढ़कर 2032 तक 256.3 GWh तक पहुंचने का अनुमान है। सरकार का सपोर्ट और टेक्नोलॉजी में हो रहे सुधार इस ग्रोथ के मुख्य चालक हैं। सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत 18100 करोड़ का आउटले है, जिसका मकसद डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है। हालांकि, अक्टूबर 2025 तक टारगेटेड 50 GWh क्षमता का सिर्फ 2.8% ही चालू हो पाया है, जिसमें Ola Electric सबसे आगे है। बता दें कि Exide Industries और Amara Raja दोनों ही शुरूआती PLI ऑक्शन राउंड में सिलेक्ट नहीं हुए थे।
ब्रोकरेज की राय और जोखिम
हाल के एनालिस्ट सेंटीमेंट में भिन्नता दिखी है। Nomura ने फरवरी 2026 में Exide को 'Buy' रेटिंग दी और टारगेट प्राइस 398 रखा है। वहीं, Kotak Institutional Equities ने नवंबर 2024 की अपनी रिपोर्ट में 'Sell' रेटिंग बरकरार रखी और टारगेट 300 दिया है।
Exide की EV बैटरी सब्सिडियरी, EESL, का घाटा चिंता का विषय है। FY25 में 116.89 करोड़ के टर्नओवर पर EESL ने 209.12 करोड़ का बड़ा घाटा दर्ज किया। इस घाटे को पाटने के लिए लगातार कैपिटल की ज़रूरत होगी, जो कंसॉलिडेटेड फाइनेंशियल पर दबाव डाल सकता है। इसके अलावा, लिथियम-आयन बैटरी मार्केट में डोमेस्टिक और इंटरनेशनल प्लेयर्स के बीच कॉम्पिटिशन काफी ज़्यादा है।
कंपनी ने यह भी स्वीकार किया है कि सिल्वर, कॉपर, सल्फर और टिन जैसे ज़रूरी कच्चे माल की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी से प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ रही है।
भविष्य की राह
आगे चलकर, Exide Industries को उम्मीद है कि वह FY27 तक डेट-फ्री (कर्ज-मुक्त) रहेगी। कंपनी का अनुमान है कि अगले 3 सालों में उसकी टॉपलाइन 20000 करोड़ तक और 2030 तक 25000 करोड़ तक पहुँच सकती है, जिसमें लिथियम-आयन बैटरी बिज़नेस का बड़ा योगदान होगा। JPMorgan ने 425 का टारगेट दिया है। कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और कैश रिजर्व, एडवांस्ड बैटरी टेक्नोलॉजी में विस्तार के लिए एक ठोस आधार प्रदान करते हैं।