इलेक्ट्रिक व्हीकल स्टार्टअप Euler Motors ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹800 करोड़ का सालाना रेवेन्यू टारगेट तय किया है। Hero MotoCorp समर्थित यह कंपनी अब अपने कारोबार को थ्री-व्हीलर से शिफ्ट कर इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर कार्गो सेगमेंट पर फोकस कर रही है, जो अब इसकी कमाई का मुख्य जरिया है।
फोर-व्हीलर की ओर बढ़ा कदम
दिल्ली बेस्ड Euler Motors अपने कारोबार को तेजी से इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर कार्गो सेगमेंट की ओर ले जा रही है। कंपनी के नए मॉडल्स 'Storm EV' और 'Turbo EV' की बदौलत कंपनी ने इस सेगमेंट में 25% से 28% तक मार्केट शेयर हासिल कर लिया है। कंपनी का 70% से 75% रेवेन्यू अब इसी कैटेगरी से आ रहा है। अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने के लिए कंपनी ने हरियाणा के पलवल में नई मैन्युफैक्चरिंग लाइन तैयार की है, जहां हर महीने 2,000 फोर-व्हीलर बनाने की क्षमता है।
फाइनेंशियल हेल्थ और चुनौतियां
कंपनी का ग्रोथ ग्राफ तो ऊपर जा रहा है, लेकिन घाटा अभी भी एक बड़ी चिंता है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 110% उछलकर ₹402 करोड़ रहा, लेकिन इसी दौरान कंपनी को ₹308 करोड़ का नेट लॉस भी हुआ। फिलहाल कंपनी के 100 से ज्यादा रिटेल टचपॉइंट्स पूरे भारत में फैले हैं, जिन्हें विस्तार देने के लिए कंपनी को लगातार फंड्स की जरूरत बनी हुई है।
Hero MotoCorp का बड़ा दांव
इस इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लेयर के लिए Hero MotoCorp सबसे बड़ा सहारा बना हुआ है। कंपनी में Hero MotoCorp की 36% हिस्सेदारी है, जो न केवल फाइनेंशियल बल्कि स्ट्रैटेजिक सपोर्ट भी देती है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने अपने प्रिफरेंस शेयर्स को इक्विटी में बदलकर अपनी नेट वर्थ को बेहतर दिखाया है।
आगे की राह
निवेशकों के लिए कंपनी का 'कैश बर्न' (Cash Burn) और ऑपरेटिंग मार्जिन पर नजर रखना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर्स और लिथियम-आयन सेल्स जैसी सप्लाई चेन की समस्याएं भी कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। अब देखना होगा कि कंपनी अपने ₹800 करोड़ के रेवेन्यू लक्ष्य तक पहुंचने के साथ-साथ अपने घाटे को कैसे कम करती है।
