इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल (e-CV) बनाने वाली कंपनी Euler Motors ने वित्त वर्ष 2026 में अपनी बिक्री में भारी इजाफा दिखाया है, लेकिन यह टॉप-लाइन ग्रोथ कंपनी की लाभप्रदता (profitability) की चुनौतियों को छिपा रही है। FY25 में जहां कंपनी का रेवेन्यू ₹191 करोड़ था, वहीं FY26 में यह बढ़कर ₹402 करोड़ हो गया, जो कि e-CV सेगमेंट में, खासकर चार-पहिया कार्गो व्हीकल सेगमेंट में कंपनी की बढ़ती पकड़ को दर्शाता है।
इसके बावजूद, कंपनी ने FY26 में ₹308 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जो इस पूंजी-गहन उद्योग (capital-intensive industry) में तेजी से विस्तार और टिकाऊ मुनाफे के बीच की खाई को उजागर करता है। हालांकि, कंपनी के परिचालन (operations) में सुधार दिख रहा है। EBITDA मार्जिन -119% से सुधरकर FY26 में -62.9% पर आ गया है, जो बढ़ते पैमाने (scale) के साथ बेहतर संपत्ति उपयोग (asset utilization) और परिचालन उत्तोलन (operating leverage) का संकेत देता है।
Euler Motors ने हाल ही में ₹687.5 करोड़ की सीरीज E फंडिंग जुटाई है, जिसमें Lightrock से ₹437.5 करोड़ इक्विटी और ₹250 करोड़ कर्ज शामिल है। निवेशकों जैसे Hero MotoCorp और Blume Ventures के समर्थन से अब तक कंपनी कुल ₹1,900 करोड़ की फंडिंग हासिल कर चुकी है।
कंपनी को लाभप्रदता के शिखर तक पहुंचने के लिए अभी एक लंबा रास्ता तय करना है। Euler Motors का लक्ष्य अगले दो से तीन सालों में EBITDA लेवल पर ब्रेक-ईवन हासिल करना है, जिसके लिए ₹2,000-2,500 करोड़ के रेवेन्यू की उम्मीद है। यह स्थापित खिलाड़ियों जैसे Tata Motors से काफी अलग है, जिसने Q1 FY26 में ₹4,003 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया। e-CV सेगमेंट में, Tata Motors का चार-पहिया लाइट कार्गो में 36% शेयर है, जबकि Euler Motors का 23% है।
बढ़ती लागत, खासकर लिथियम, निकेल और कोबाल्ट जैसी बैटरी सामग्री की कीमतों में वृद्धि, लाभप्रदता पर दबाव डाल रही है। Euler Motors ने लागत वृद्धि का 4-6% खुद वहन किया है और ग्राहकों पर केवल 1-1.5% ही डाला है, जिससे मार्जिन पर और दबाव का खतरा है।
कंपनी-स्तरीय मुनाफा कमाने के लिए Euler Motors को बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ाना होगा, जो प्रति माह 2,000 व्हीकल का लक्ष्य है। इसके लिए मैन्युफैक्चरिंग और R&D में बड़े निवेश की जरूरत होगी। कंपनी FY27 के अंत तक अपने नेटवर्क को 200 टचपॉइंट्स और 100 शहरों तक विस्तार देने की योजना बना रही है। कुल मिलाकर, भारतीय e-CV मार्केट में जबरदस्त वृद्धि की उम्मीद है, लेकिन Euler Motors के लिए वित्तीय स्थिरता हासिल करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
