Escorts Kubota के शेयरों में आज **2%** से ज़्यादा की तेज़ी देखी गई, जो **₹3,075.80** पर बंद हुए। कंपनी के दमदार नतीजों और कर्ज़-मुक्त बैलेंस शीट ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। साल 2026 तक कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹11,540.26 करोड़** हो गया है। शेयरधारकों को **₹51** प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) भी मिलेगा।
Escorts Kubota का शानदार प्रदर्शन
शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को Escorts Kubota के शेयर 2.06% चढ़कर ₹3,075.80 पर कारोबार करते देखे गए। यह तेज़ी कंपनी के सालाना नतीजों के बाद आई है, जिसमें ट्रैक्टर और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट बिज़नेस में ज़बरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई है।
5 साल का वित्तीय सफर
पिछले पांच सालों में कंपनी लगातार आगे बढ़ी है। कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) फाइनेंशियल ईयर 2022 में ₹7,238.43 करोड़ से बढ़कर 2026 में ₹11,540.26 करोड़ हो गया। इस रेवेन्यू ग्रोथ के साथ मुनाफे में भी ज़बरदस्त इज़ाफ़ा हुआ है, जो ₹764.96 करोड़ से लगभग दोगुना होकर ₹1,366.42 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी की प्रति शेयर कमाई (Earnings Per Share) भी बढ़ी है, जो पांच साल पहले ₹74.06 थी, वो मार्च 2026 तक ₹217.61 हो गई है।
बैलेंस शीट और वैल्यूएशन
कंपनी की फाइनेंसियल प्रोफाइल का एक अहम पहलू कर्ज़-मुक्त (Debt-free) रहना है। पिछले पांच सालों से कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) 0.00 रहा है। इससे कंपनी को ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बीच फाइनेंसियल फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है। इसके अलावा, रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) में भी बड़ा सुधार हुआ है, जो 2022 में 9.69% था, वो 2026 में बढ़कर 19.34% हो गया है। कंपनी के वैल्यूएशन की बात करें तो प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो मार्च 2026 में 12.59x हो गया है, जो पिछले साल 28.25x था। इससे पता चलता है कि बाज़ार की रेटिंग अर्निंग्स के मुकाबले बदली है।
शेयरधारकों को इनाम
कंपनी सीधे तौर पर शेयरधारकों को फायदा पहुंचाने पर ध्यान दे रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, कंपनी ने ₹33.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) घोषित किया है। इससे पहले ₹18.00 प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड भी दिया गया था। इस तरह, साल भर में कुल ₹51.00 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया जाएगा। पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह डिविडेंड ₹18.00 प्रति शेयर था।
आगे क्या देखना होगा?
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन तो अच्छा रहा है, लेकिन निवेशक सेक्टर की डिमांड साइकिल, खासकर एग्रीकल्चर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट पर नज़र रखेंगे। आने वाले समय में यह देखना होगा कि कंपनी कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच अपने प्रॉफिट मार्जिन और रिटर्न रेशियो को कैसे बनाए रखती है। साथ ही, कंपनी अपने कैश रिजर्व का इस्तेमाल कैसे करती है - चाहे वह बिज़नेस ग्रोथ के लिए हो या शेयरधारकों को रिटर्न देने के लिए - यह निवेशकों के लिए एक बड़ा फोकस पॉइंट रहेगा।
