Energy In Motion ने पुणे के तलेगांव में अपना नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लॉन्च किया है। इसके जरिए कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक हैवी ट्रक उत्पादन क्षमता को सालाना **5,000 यूनिट** तक ले जाएगी और अपने बैटरी सब्सक्रिप्शन मॉडल को मजबूती देगी।
Energy In Motion (EIM) आगामी 14 अक्टूबर, 2026 को पुणे के तलेगांव में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू करने जा रही है। यह प्लांट न केवल सालाना 5,000 हैवी कमर्शियल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बनाने में सक्षम होगा, बल्कि यहां 2.4 GWh क्षमता वाली लिथियम-आयन बैटरी असेंबली लाइन भी होगी।
'मैत्री' मॉडल और रणनीति
कंपनी की मुख्य रणनीति 'मैत्री' (Maitryi) बैटरी सब्सक्रिप्शन मॉडल पर टिकी है। इसके तहत, ट्रक खरीदते समय बैटरी का मालिकाना हक कंपनी के पास रहता है, जिससे फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए शुरुआती लागत में 40% तक की कटौती होती है। हालांकि, इस मॉडल में बैटरी एसेट्स कंपनी की बैलेंस शीट पर होते हैं, जिसके लिए भविष्य में भारी पूंजी की जरूरत होगी।
मर्जर का पूरा गणित
इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार के साथ-साथ EIM, Ravindra Energy के साथ मर्जर की प्रक्रिया में है। इस डील के तहत, 100 EIM शेयर के बदले 209 Ravindra Energy शेयर दिए जाएंगे। यह मर्जर अब National Company Law Tribunal (NCLT) की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद Murkumbi और J M Baxi ग्रुप इसके जॉइंट प्रमोटर्स होंगे।
रिस्क और चुनौतियां
अगले 3 सालों में कंपनी को ₹800 करोड़ से ₹1,000 करोड़ की नई इक्विटी जुटाने की जरूरत पड़ सकती है। साथ ही, मार्च 2027 तक 40 बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन बनाना कंपनी की बड़ी चुनौती है। CATL के साथ 500 MWh की सप्लाई डील के बावजूद, कंपनी को अब मुंबई-पुणे कॉरिडोर पर अपने 50 वाहनों के पायलट प्रोजेक्ट की सफलता साबित करनी होगी।
