बाज़ार में आया बड़ा बदलाव: पुराने खिलाड़ियों का दबदबा
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) सेगमेंट में साल-दर-साल (YoY) ज़बरदस्त ग्रोथ देखी जा रही है। इसकी वजह है प्रोडक्ट्स की क्वालिटी में सुधार, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार और पुरानी, स्थापित ऑटो कंपनियों (OEMs) का मार्केट में उतरना। हर महीने 1 लाख यूनिट से ज़्यादा की बिक्री होना यह दिखाता है कि यह सेक्टर अब पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत हो गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब E2W सिर्फ एक 'ड्रीम परचेज' नहीं रह गया है, बल्कि लोग इसे पैसों के हिसाब से भी देख रहे हैं, जो इस सेक्टर की ग्रोथ को और भी मज़बूत बनाता है।
क्यों चमकी TVS और Hero? Ola Electric की गिरी हालत
फरवरी 2026 में E2W की कुल बिक्री 1.05 लाख यूनिट रही, जो पिछले साल फरवरी के 76,350 यूनिट के मुकाबले 36% ज़्यादा है। TVS Motor ने अपनी लीडरशिप बनाए रखी और 61% की शानदार YoY ग्रोथ दर्ज की। Hero MotoCorp ने तो कमाल ही कर दिया, पिछले साल के मुकाबले अपनी बिक्री तीन गुना से ज़्यादा बढ़ा ली और मार्केट शेयर 11.30% तक पहुंचा दिया। Bajaj Auto भी 12% की ग्रोथ के साथ दूसरे नंबर पर रहा।
लेकिन, इन सबके विपरीत Ola Electric को बड़ा झटका लगा। कंपनी की वॉल्यूम में 55% की भारी गिरावट आई और मार्केट शेयर भी काफी सिकुड़ कर 3.68% पर आ गया। फरवरी में महीने-दर-महीने (MoM) 14% की गिरावट दिखी, जिसका कारण मौसमी उतार-चढ़ाव और महीने में दिनों की कमी को बताया जा रहा है, न कि डिमांड में कोई कमी।
बाज़ार का गहन विश्लेषण: 'Legacy' आगे, 'Startup' पीछे
भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाज़ार में एक बड़ा फेरबदल हो रहा है। पुराने दिग्गज, जैसे TVS Motor, Bajaj Auto और Hero MotoCorp, अब मार्केट के 60% हिस्से पर कब्ज़ा कर चुके हैं, जबकि 2023 में यह शेयर सिर्फ़ 34% था। यह दिखाता है कि अब कंज्यूमर भरोसा, सर्विस नेटवर्क और लगातार परफॉरमेंस देने वाली कंपनियों को ज़्यादा पसंद कर रहे हैं।
वैल्यूएशन की बात करें तो, फरवरी 2026 तक TVS Motor का P/E रेश्यो 64.89 रहा, जो peers से काफी ज़्यादा है। Hero MotoCorp का P/E लगभग 20.88 और Bajaj Auto का 30.85 रहा। TVS की 61% की ग्रोथ और मज़बूत मार्केट शेयर उसकी स्ट्रेटेजी को सही साबित करता है। Hero MotoCorp के वॉल्यूम में तीन गुना से ज़्यादा की बढ़ोतरी उसके बढ़ते नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
सरकार की नीतियां, जैसे बजट 2026 में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग और लोकलाइजेशन को बढ़ावा देना, और आने वाले CAFE 3 नॉर्म्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को और तेज़ कर रहे हैं। अगले फाइनेंशियल ईयर में E2W ग्रोथ हाई-टीन (लगभग 15-19%) रहने का अनुमान है।
Ola Electric के लिए खतरे की घंटी
Ola Electric का प्रदर्शन बाज़ार के बाकी रुझानों से बिल्कुल अलग है। फरवरी 2026 में 55% की वॉल्यूम गिरावट और मार्केट शेयर का 3.68% पर आ जाना एक गंभीर चिंता का विषय है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024 में 36.7% मार्केट शेयर रखने वाली Ola का शेयर 2025 तक गिरकर लगभग 16% रह गया था। इस गिरावट के पीछे बढ़ती कॉम्पिटिशन, कंज्यूमर ट्रस्ट के मुद्दे और सर्विस से जुड़ी समस्याएं मुख्य हैं। जनवरी 2026 में 70.4% की वॉल्यूम गिरावट ने इन चुनौतियों को और उजागर किया है।
बाज़ार का यह कंसॉलिडेशन उन कंपनियों के लिए फ़ायदेमंद है जिनके पास मज़बूत डीलर नेटवर्क और आफ्टर-सेल्स सर्विस है। जो स्टार्टअप्स सिर्फ 'फर्स्ट-मूवर एडवांटेज' पर निर्भर थे, वे अब दबाव में आ गए हैं। Ather Energy जैसी कंपनियों ने भले ही अपने प्रोडक्ट्स को स्ट्रेटेजिकली पोजीशन करके ग्रोथ हासिल की हो, लेकिन Ola Electric की मुश्किलें बताती हैं कि नए खिलाड़ियों के लिए लगातार परफॉरमेंस बनाए रखना कितना मुश्किल है।
आगे का रास्ता: तेज़ रफ्तार जारी रहने की उम्मीद
एनालिस्ट्स का मानना है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में ग्रोथ का यह सिलसिला जारी रहेगा। अगले फाइनेंशियल ईयर में हाई-टीन ग्रोथ का अनुमान है। बाज़ार का स्ट्रक्चरल बेस मज़बूत हो गया है और डिमांड अब सिर्फ 'ड्रीम परचेज' से हटकर 'इकोनॉमिक वायबिलिटी' की ओर बढ़ रही है। सरकार की पहलें, जैसे लोकलाइजेशन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, इस सेक्टर को और तेज़ी देंगी। यह उम्मीद की जा रही है कि पुरानी और स्थापित कंपनियां नए, कमज़ोर खिलाड़ियों से मार्केट शेयर लेती रहेंगी।
इस सेक्टर का भविष्य लगातार परफॉरमेंस, मज़बूत डिस्ट्रीब्यूशन और ग्राहक सेवा पर निर्भर करेगा।