इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बनाने वाली कंपनी EKA Mobility ने अपने विस्तार के लिए **₹2,000 करोड़** के निवेश का प्लान बनाया है। कंपनी का लक्ष्य **FY27** तक **₹2,800 करोड़** का रेवेन्यू हासिल करना है, जिसके लिए वह इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों के उत्पादन को बड़े स्तर पर बढ़ाएगी।
विस्तार की पूरी रणनीति
Pinnacle Industries समर्थित EKA Mobility आने वाले 3 वर्षों में ₹2,000 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर करने जा रही है। कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाकर इलेक्ट्रिक बसों, भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों और ग्रामीण परिवहन के लिए छह-सीटर वाहनों पर फोकस करेगी। कंपनी के पास पहले से ही 11,000 बसों की मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसकी वैल्यू $2 बिलियन के आसपास है। इसमें 12 साल के लॉन्ग-टर्म सर्विस एग्रीमेंट भी शामिल हैं।
ऑपरेशनल लक्ष्य और नेटवर्क
कंपनी का टारगेट है कि FY27 तक उसका सालाना रेवेन्यू ₹2,800 करोड़ तक पहुंच जाए। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी अगले 18 महीनों में अपने नेटवर्क को 45 शहरों तक फैलाएगी और 80 नए डिपो तैयार करेगी। कंपनी अपनी सफलता के लिए 'मॉड्यूलर मैन्युफैक्चरिंग' और अपनी प्रोप्राइटरी सॉफ्टवेयर तकनीक पर भरोसा जता रही है, जिससे वाहनों की लागत कम की जा सके।
चुनौतियां और मार्केट कॉम्पिटिशन
भले ही कंपनी के पास ऑर्डर्स की भरमार है, लेकिन रेवेन्यू की रफ्तार पूरी तरह से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और डिपो की तैयारी पर निर्भर करती है। भारत में EV प्रोजेक्ट्स के लिए पावर ग्रिड और साइट डेवलपमेंट अक्सर एक बड़ी बाधा होते हैं। वहीं, मार्केट में टाटा मोटर्स (Tata Motors), अशोक लेलैंड (Ashok Leyland), Olectra Greentech और JBM Auto जैसे दिग्गजों से कड़ी टक्कर मिल रही है। फिलहाल, कंपनी ने फंड जुटाने की अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है और आगे किसी और फंडिंग की योजना नहीं है।
