Daimler Truck ने अपनी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने के लिए भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया-पैसिफिक को मिलाकर नया 'ISEAA' रीजन बनाया है। इस विस्तार के लिए कंपनी ने तमिलनाडु में ₹4,000 करोड़ के अतिरिक्त निवेश का ऐलान किया है, जिससे कुल निवेश ₹14,500 करोड़ के पार पहुंच गया है।
Daimler Truck ने अपने ग्लोबल कारोबार को नई दिशा देते हुए भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया-पैसिफिक को एक नई इकाई 'ISEAA' में बदल दिया है। इस बदलाव के पीछे का मुख्य मकसद BharatBenz और Mercedes-Benz ब्रांड्स के बीच तालमेल बिठाना और निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करना है। इसके जरिए कंपनी अब 42 देशों के बाजार को एक ही रणनीति के तहत मैनेज करेगी।
इस नई रणनीति के केंद्र में भारत है। Daimler India Commercial Vehicles (DICV) के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर, Torsten Schmidt, को इस नए ISEAA रीजन का प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया है। कंपनी का अनुमान है कि इस क्षेत्र में कमर्शियल व्हीकल की डिमांड हर साल 5% से ज्यादा बढ़ेगी।
भारत में मैन्युफैक्चरिंग और R&D का विस्तार
कंपनी ने तमिलनाडु में अपनी मैन्युफैक्चरिंग और R&D क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ₹4,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश करने का फैसला किया है। इसके साथ ही भारत में कंपनी का कुल निवेश ₹14,500 करोड़ से ज्यादा हो गया है। इस कदम का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के साथ-साथ ग्लोबल एक्सपोर्ट मार्केट के लिए भी बेहतर वाहन तैयार करना है।
निवेशकों के लिए संकेत
स्ट्रक्चरल बदलाव के बावजूद, ग्लोबल मार्केट में बढ़ती लागत और आर्थिक अनिश्चितता एक बड़ी चुनौती है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या यह नई व्यवस्था कंपनी के मार्जिन और मुनाफे को बढ़ाने में कितनी कारगर साबित होती है। साथ ही, Zero Emission Vehicle (ZEV) तकनीक की होड़ में बने रहने के लिए कंपनी को भारी पूंजी की जरूरत होगी। Daimler Truck Holding AG के शेयर फिलहाल अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं और €43.24 (सितंबर 15, 2026 के क्लोजिंग भाव) के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। आने वाली तिमाहियों में इस पुनर्गठन का असर कंपनी के सेल्स और कॉस्ट एफिशिएंसी पर देखना दिलचस्प होगा।
