E20 पेट्रोल के साथ खुद एक्सपेरिमेंट करने की कोशिश कर रहे वाहन मालिकों के लिए चेतावनी है। घर पर फ्यूल को डाइल्यूट करने से आपकी कार या बाइक के इंजन को गंभीर नुकसान हो सकता है और आपकी वारंटी भी रद्द हो सकती है।
इंजन के लिए क्यों खतरनाक है ब्लेंडिंग?
आजकल की आधुनिक गाड़ियों में ECU (Electronic Control Unit) लगा होता है, जो फ्यूल के मिश्रण को कंट्रोल करता है। जब आप अपनी मर्जी से फ्यूल को डाइल्यूट करते हैं, तो फ्यूल का केमिकल बैलेंस बिगड़ जाता है। इससे गाड़ी में मिसफायर, पिकअप की समस्या और फ्यूल सिस्टम पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। याद रखें, मैन्युफैक्चरर ने इंजन को खास स्टैंडर्ड्स के लिए बनाया है, और ऐसे प्रयोगों से हुई खराबी आपकी वारंटी (Warranty) को खत्म कर सकती है।
अनवेरिफाइड एडिटिव्स का खतरा
मार्केट में E20 को लेकर डर का फायदा उठाने के लिए कई 'फ्यूल एडिटिव्स' बेचे जा रहे हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो बिना कंपनी द्वारा अप्रूव किए गए ये केमिकल्स आपकी गाड़ी के BS-VI एमिशन सिस्टम को पूरी तरह चोक कर सकते हैं। ये फ्यूल इंजेक्टर और इंटरनल सील्स को तेजी से डैमेज कर सकते हैं, जिसका मतलब है कि आपको बहुत महंगा रिपेयर बिल चुकाना पड़ सकता है।
क्या है सही तरीका?
अगर आपकी गाड़ी लंबे समय से खड़ी है, तो एथेनॉल की प्रकृति 'हाइग्रोस्कोपिक' (नमी सोखने वाली) होने के कारण पानी जमा होने का डर रहता है। इससे बचने का एकमात्र सही तरीका यह है कि आप अपनी गाड़ी की टैंक को कम से कम 60% भरा रखें। खुद से इंटरनेट पर मौजूद नुस्खे आजमाने के बजाय, किसी भी परेशानी की स्थिति में अपने अधिकृत सर्विस सेंटर पर जाकर प्रोफेशनल जांच करवाएं। यही एकमात्र सुरक्षित रास्ता है।
