Cummins India के शेयर में आज **2%** से ज्यादा की तेजी देखी गई। कंपनी ने FY26 के लिए **₹2,095.47 करोड़** का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। साथ ही, शेयरधारकों को **₹46** प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का तोहफा भी दिया गया है।
दमदार नतीजों से शेयर में उछाल
Cummins India के स्टॉक में गुरुवार को 2.12% की बढ़त दर्ज की गई और यह ₹5,667 पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी के मार्च 2026 में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के नतीजों ने निवेशकों को उत्साहित किया है। इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹10,390.69 करोड़ से बढ़कर ₹12,143.19 करोड़ हो गया है।
मुनाफे में बड़ी बढ़ोतरी
कंपनी के बॉटम लाइन में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए नेट प्रॉफिट ₹2,095.47 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹1,733.17 करोड़ से काफी ज्यादा है। यह ग्रोथ कंपनी की उत्पादन क्षमता और मैनेजमेंट की कुशलता को दर्शाता है, खासकर इंडस्ट्रियल इंजन और पावर जनरेशन जैसे प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में।
तिमाही नतीजों का लेखा-जोखा
मार्च 2026 को समाप्त हुई आखिरी तिमाही में, कंपनी ने ₹3,011.18 करोड़ का रेवेन्यू और ₹563.41 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह पिछले साल की इसी तिमाही के ₹2,470.38 करोड़ के रेवेन्यू और ₹439.13 करोड़ के प्रॉफिट से बेहतर प्रदर्शन है। यह लगातार मांग का संकेत देता है, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स में पावर सॉल्यूशंस के लिए।
मजबूत बैलेंस शीट और कैश फ्लो
कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, कुल संपत्ति और देनदारियां ₹11,304 करोड़ पर संतुलित हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी ने साल भर में ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से ₹1,734 करोड़ का कैश जेनरेट किया है। यह मजबूत कैश फ्लो इंटरनल ग्रोथ और शेयरधारकों को रिटर्न देने में मदद करता है।
शेयरधारकों को डिविडेंड का फायदा
इन शानदार नतीजों के बाद, बोर्ड ने ₹46 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है, जिसका भुगतान 17 जुलाई, 2026 को किया जाएगा। इससे पहले फरवरी 2026 में ₹20 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड भी दिया गया था। लगातार डिविडेंड देने की यह नीति उन निवेशकों को आकर्षित करती है जो स्थिर आय वाले और बेहतर कैश मैनेजमेंट वाली कंपनियों में निवेश करना पसंद करते हैं।
आगे क्या देखना होगा?
हालांकि कंपनी का प्रदर्शन मजबूत है, निवेशकों की नजरें कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पावर सेक्टर की साइक्लिकल डिमांड पर भी रहेगी। ये फैक्टर भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। अगली अर्निंग्स कॉल में मैनेजमेंट से ऑर्डर बुक की स्थिति और नए इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स को लेकर कमेंट्री सुनना महत्वपूर्ण होगा।
