ग्रोथ की तैयारी: नई फैक्ट्री या पीथमपुर में विस्तार?
Classic Legends ग्रोथ के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी डिमांड को पूरा करने के लिए अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी (Production Capacity) को बड़ाना चाहती है। कंपनी के को-फाउंडर अनुपम थरेजा (Anupam Thareja) ने बताया कि दो मुख्य विकल्प विचाराधीन हैं: एक तो पीथमपुर प्लांट का विस्तार कर इसे सालाना 200,000 यूनिट्स की क्षमता तक ले जाना, या फिर सप्लायर्स (Suppliers) के करीब एक नई 'ग्रीनफील्ड' फैसिलिटी (Greenfield Facility) स्थापित करना। उम्मीद है कि पीथमपुर प्लांट इस फाइनेंशियल ईयर (FY) के अंत तक अपनी मैक्सिमम आउटपुट (Maximum Output) क्षमता पर पहुंच जाएगा। Classic Legends ने FY23 से FY26 तक प्रोडक्शन बढ़ाने और नए मॉडल्स (Models) डेवलप करने के लिए कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) के तौर पर करीब ₹1,000 करोड़ का बड़ा निवेश करने का वादा किया है। इस इन्वेस्टमेंट का मकसद इंडिया के बढ़ते प्रीमियम मोटरसाइकिल मार्केट (Premium Motorcycle Market) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है।
सेल्स में उछाल से प्रोडक्शन बढ़ाने की जरूरत
यह एक्सपेंशन (Expansion) प्लान एक मजबूत रिकवरी के बाद आया है, जो 2018 के आखिर में शुरू हुई थी। शुरुआती मुश्किलों और सेल्स टारगेट्स (Sales Targets) से चूकने के बाद, Classic Legends की एनुअल सेल्स (Annual Sales) FY25 में घटकर 32,430 यूनिट्स रह गई थी। लेकिन कई फैक्टर्स (Factors) ने वापसी कराई है। चार नए मॉडल्स (Models) लॉन्च करने और 350cc से कम की बाइक्स पर जीएसटी (GST) में कमी (सितंबर 2025 में 28% से घटाकर 18% करना) ने Yezdi, Jawa और BSA बाइक्स को ज्यादा किफायती और पॉपुलर बनाया है। इस बदलाव और हालिया निवेश के चलते FY26 में सेल्स में 39.80% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें 45,409 यूनिट्स बिकीं (FADA के अनुसार)। कंपनी का अनुमान है कि FY27 तक प्रोडक्शन 100,000 यूनिट्स को पार कर जाएगा, क्योंकि मौजूदा ऑर्डर्स (Orders) पहले से ही प्रोडक्शन कैपेसिटी से ज्यादा हैं।
मार्केट में Royal Enfield का दबदबा, पर ग्रोथ जारी
Classic Legends को कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है, खासकर Royal Enfield से, जो मार्केट में राज करती है। Royal Enfield की इंडिया की डोमेस्टिक 250-350cc मोटरसाइकिल कैटेगरी में 95% और 350-500cc सेगमेंट में 28% की हिस्सेदारी है, जिसने FY26 में 1.1 मिलियन (11 लाख) से ज्यादा यूनिट्स बेचीं। इंडिया का प्रीमियम मोटरसाइकिल मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, जहां 125cc से ऊपर की बाइक्स FY26 में कुल सेल्स का करीब 26% रहीं, जिसका कारण बढ़ती आय और ग्राहकों की बदलती पसंद है। सब-350cc बाइक्स पर हालिया जीएसटी कट ने Classic Legends जैसी कंपनियों को मॉडल को ज्यादा किफायती बनाकर बड़ी मदद की है। हालांकि, 350cc से ऊपर की बाइक्स पर 40% जीएसटी की योजना, जो 22 सितंबर 2025 से लागू होगी, सभी मैन्युफैक्चरर्स (Manufacturers) की बड़ी प्रीमियम बाइक्स की सेल्स पर असर डाल सकती है। Classic Legends ने हाल ही में Yezdi Scrambler 350 और BSA Scrambler 650 लॉन्च की हैं, जिन्हें 'मोटरसाइकिलिंग का SUV' कहकर एडवेंचर राइडर्स (Adventure Riders) को आकर्षित करने का लक्ष्य है।
आगे की राह: चुनौतियां और मौके
सकारात्मक आउटलुक (Outlook) के बावजूद, Classic Legends के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। कंपनी का सेल्स टारगेट्स (Sales Targets) मिस करने का इतिहास रहा है और पिछले सालों में सेल्स गिरी भी है, जो ऑपरेशंस (Operations) को स्केल (Scale) करने और प्रोडक्ट लॉन्च (Product Launches) को मैनेज करने में मुश्किलों को दर्शाता है। मौजूदा सफलता शायद आंशिक रूप से जीएसटी कट जैसे अस्थायी फैक्टर्स पर निर्भर करती है, जो इन फायदों के बिना सस्टेन्ड डिमांड (Sustained Demand) पर सवाल खड़े करती है। एक नई 'ग्रीनफील्ड' प्लांट में बड़ा निवेश एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) के साथ आता है, जिसमें संभावित कॉस्ट ओवररन (Cost Overruns) और देरी शामिल है। Royal Enfield जैसी कंपनी से सीधे मुकाबला करना, जिसकी ब्रांड लॉयल्टी (Brand Loyalty) और प्रोडक्ट्स की वाइड रेंज (Wide Range) है, एक बड़ी बाधा बनी हुई है। को-फाउंडर अनुपम थरेजा की Phi Capital और Mahindra First Choice Wheels जैसी दूसरी कंपनियों में भी भूमिकाएं उनके फोकस को प्रभावित कर सकती हैं।
ईवी और आईपीओ: भविष्य की ओर नजर
Classic Legends बढ़ते इंडियन प्रीमियम मोटरसाइकिल मार्केट का फायदा उठाने के लिए तैयार है, जिसका लक्ष्य FY27 तक 100,000 यूनिट्स से ज्यादा का प्रोडक्शन करना है। कंपनी अपने Jawa, Yezdi और BSA ब्रांड्स के लिए इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल (Electric Motorcycles - EVs) भी डेवलप कर रही है, जिन्हें पहले यूरोप में लॉन्च करने और फिर इंडिया लाने की योजना है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (Electric Vehicles) में यह कदम भविष्य के मार्केट शिफ्ट्स (Market Shifts) के प्रति जागरूकता दिखाता है। Classic Legends का लक्ष्य इसी फाइनेंशियल ईयर में प्रॉफिटेबल (Profitable) बनना है। इसके निवेश और कैपेसिटी प्लान (Capacity Plans) लगातार ग्रोथ पर केंद्रित हैं, जिसमें 2028 का संभावित आईपीओ (IPO) इसकी प्रोग्रेस (Progress) और मार्केट वैल्यू (Market Value) का एक मुख्य पैमाना होगा।
