EV मार्केट में घटते मुनाफे से परेशान दिग्गज चीनी ऑटो कंपनियां अब Humanoid Robotics में उतर रही हैं। Xpeng और BYD जैसी कंपनियां अपनी मैन्युफैक्चरिंग एक्सपर्टीज का इस्तेमाल करके AI लीडर बनने की तैयारी में हैं।
चीन की बड़ी ऑटो कंपनियां अब इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट में घटते मार्जिन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा से निपटने के लिए Humanoid Robotics की दुनिया में कदम रख रही हैं। साल 2026 की पहली छमाही में वैश्विक स्तर पर ह्यूमनॉइड रोबोट शिपमेंट में चीनी कंपनियों का दबदबा रहा है, जिसमें इनकी हिस्सेदारी 97% से भी अधिक है। फिलहाल इनका उपयोग मुख्य रूप से कंपनी के इंटरनल मैन्युफैक्चरिंग कामों में हो रहा है।
प्रमुख कंपनियों की तैयारी
- Xpeng: कंपनी ने अपने रोबोटिक्स डिवीजन के लिए $900 मिलियन की फंडिंग जुटाई है, जिससे इस यूनिट की वैल्यूएशन बढ़कर $6.3 बिलियन हो गई है। कंपनी का लक्ष्य 2026 के अंत तक अपने 'IRON' ह्यूमनॉइड रोबोट का मास प्रोडक्शन शुरू करना है।
- BYD: कंपनी ने अगस्त 2026 में अपना 'Xiao Di' रोबोट पेश किया, जिसे वे पहले अपने शोरूम्स और फैसिलिटीज में टेस्ट करेंगे ताकि इसकी रिलायबिलिटी परखी जा सके।
क्या है दांव?
ये कंपनियां अपने मौजूदा ऑटोमोटिव इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा उठा रही हैं। इनके पास पहले से ही सप्लाय चेन, मास प्रोडक्शन का अनुभव और AI व बैटरी सिस्टम में एक्सपर्ट टीमें मौजूद हैं। इनकी रणनीति है कि ऑटो-ग्रेड मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस को रोबोट्स पर लागू करके प्रोडक्शन कॉस्ट को कम किया जाए और प्योर-प्ले रोबोटिक्स स्टार्टअप्स से आगे निकल जाए।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इस बदलाव के साथ बड़े रिस्क भी जुड़े हैं। रोबोटिक्स का R&D काफी महंगा है, जिससे कंपनियों के पहले से दबे हुए प्रॉफिट मार्जिन पर और दबाव बढ़ सकता है। साथ ही, भू-राजनीतिक (Geopolitical) चिंताएं भी बड़ी हैं। पश्चिमी देशों में चीनी टेक्नोलॉजी पर संभावित ट्रेड रिस्ट्रिक्शन्स या बैन का असर इनके वैश्विक विस्तार की योजनाओं पर पड़ सकता है। निवेशकों को कंपनी के प्रोडक्शन टाइमलाइन और कमर्शियल वायबिलिटी पर कड़ी नजर रखनी होगी।
