बिक्री बढ़ी, पर लागतों ने खींचा ब्रेक
Castrol India के लिए बीता क्वार्टर मिला-जुला रहा। कंपनी ने भले ही ₹242 करोड़ का मुनाफा कमाया और बिक्री 9% बढ़ाकर ₹15.45 अरब कर ली, लेकिन बढ़ती लागतों ने प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बना दिया है। खास तौर पर कच्चे माल (raw material) और पैकिंग मटेरियल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसके चलते कुल खर्चे भी 9% बढ़ गए।
EBITDA में उछाल, पर मार्जिन पर सवाल
कंपनी का EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) 7% बढ़कर ₹329 करोड़ तक पहुंच गया। लेकिन, प्रोडक्शन कॉस्ट में हुई बढ़ोतरी के चलते प्रॉफिट मार्जिन उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाया। कंपनी के CFO, मिस्टरिनालीनी श्रीनिवासन (Mrinalini Srinivasan) ने कहा कि कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोत्तरी और रुपये की अस्थिरता (currency volatility) जैसी चीजें भविष्य में मार्जिन को प्रभावित कर सकती हैं।
जियो-पॉलिटिकल टेंशन का असर
मिस्टरिनालीनी श्रीनिवासन ने भू-राजनीतिक (geopolitical) कारणों से कच्चे माल की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव पर चिंता जताई है। इसका सीधा असर Castrol India जैसी कंपनियों पर पड़ता है, जो बेस ऑयल और एडिटिव्स जैसे महत्वपूर्ण इनपुट के लिए ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भर हैं। यदि यह टेंशन बढ़ती है, तो इनपुट्स की लागत और बढ़ सकती है, जिससे कंपनी के मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा।
वैल्यूएशन और इंडस्ट्री का दबाव
बाजार विश्लेषक (analysts) Castrol India के स्टॉक को लेकर मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। इसका P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) अक्सर 45 के आसपास रहता है, जो बताता है कि निवेशक लगातार अच्छी परफॉरमेंस की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, इंडस्ट्री में भी कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लागत बढ़त का दबाव बना हुआ है। इन सब वजहों से अभी शेयर में ज्यादा तेजी की उम्मीद कम दिख रही है।
