पहली बार मुनाफे में Cars24: जानिए कैसे?
यह Cars24 के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है। सॉफ्टबैंक-समर्थित इस ऑटो-टेक प्लेटफॉर्म ने ₹20 करोड़ का एडजस्टेड ईबीआईटीडीए (Adjusted EBITDA) दर्ज किया है, जो इसके 'कार ओनरशिप ई-कोसिस्टम' को मजबूत करने की रणनीति की सफलता को दिखाता है।
ग्रोथ के पीछे AI और सर्विसेज का दम
कंपनी के लिए यह सफलता कई वजहों से आई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के दूसरे हाफ (H2 FY26) में इसका नेट रेवेन्यू (Net Revenue) 37% बढ़कर ₹760 करोड़ हो गया, जबकि नुकसान 83% कम हुआ। रिटेल ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (Retail GMV) में 35% का उछाल आया, जिसने कुल ट्रांजैक्शन का 60% से ज्यादा हिस्सा कवर किया। लोन डिस्बर्समेंट (Loan Disbursements) 57% बढ़कर ₹1,789 करोड़ तक पहुंच गया, और कार ओनरशिप सर्विसेज में तो 11 गुना की भारी बढ़ोतरी देखी गई।
इस पूरी ग्रोथ के पीछे AI का बड़ा हाथ है। AI इंटीग्रेशन ने प्राइसिंग, इंस्पेक्शन और कस्टमर इंटरेक्शन को बेहतर बनाकर 'रेवेन्यू पर एम्प्लॉई' को 50% तक बढ़ा दिया।
भविष्य की राह: '20 करोड़ भारतीयों' पर फोकस
अब जब कंपनी प्रॉफिट में आ गई है, तो वह अगले 20 करोड़ भारतीयों, जो अक्सर पहली बार कार खरीदते हैं, के लिए अपने कार ओनरशिप ई-कोसिस्टम को और मजबूत करने पर ध्यान देगी। कंपनी का लक्ष्य ग्लोबल एक्सपेंशन (Global Expansion) करना और एक इंटीग्रेटेड कार ओनरशिप प्लेटफॉर्म बनाना है, जिसमें AI भविष्य की ग्रोथ को और तेज करेगा।
