Q4 में CEAT का दमदार प्रदर्शन
CEAT ने 2026 के फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में शानदार परफॉरमेंस दिखाई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 145% बढ़कर सामने आया है, और रेवेन्यू ₹15,000 करोड़ के पार चला गया है। कंपनी ने Camso एक्विजिशन को भी अच्छी तरह से इंटीग्रेट किया है, जो इसके ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दिखाता है।
रॉ मटेरियल की बढ़ती लागत बड़ी चुनौती
लेकिन इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद, आने वाले समय में कंपनी के लिए चुनौतियां कम नहीं हैं। मैनेजमेंट का अनुमान है कि Q1 FY27 में रॉ मटेरियल की कीमतों में 15-20% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इस बढ़ती लागत को मैनेज करने के लिए, CEAT ने मार्च 2026 में रिप्लेसमेंट मार्केट में 5% की प्राइस हाइक की थी और आने वाले मई और जून में भी कीमतों में और इजाफा करने की योजना है।
Emkay Global ने किया स्टॉक को REDUCE
इन चिंताओं और मार्जिन प्रेशर के अनुमानों के चलते, ब्रोकरेज हाउस Emkay Global Financial ने CEAT के टारगेट प्राइस में 27% की कटौती की है। उन्होंने स्टॉक को 'REDUCE' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस घटाकर ₹3,600 कर दिया है। Emkay का मानना है कि FY27 और FY28 के लिए EPS अनुमानों में 47% और 17% की गिरावट आ सकती है, जो वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं बढ़ाता है।
इसके विपरीत, दूसरे एनालिस्ट्स का रुख अभी भी पॉजिटिव है, जिन्होंने ₹4,300 से ₹4,900 के बीच टारगेट प्राइस के साथ 'Buy' रेटिंग दी है। फिलहाल, CEAT का P/E रेश्यो 21x-30x के बीच है, जो MRF और Apollo Tyres जैसे प्रतिस्पर्धियों के लगभग बराबर है, जबकि JK Tyre इससे थोड़ा नीचे 16.5x-17.5x पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹14,600-16,600 करोड़ है।
मार्जिन पर दबाव और डिमांड का रिस्क
प्राइस हाइक के जरिए वैल्यू ग्रोथ हासिल करने की कोशिश के बावजूद, यह डिमांड को धीमा कर सकती है, खासकर पहले हाफ FY27 में। टायर इंडस्ट्री के लिए 13-13.5% का ऑपरेटिंग मार्जिन लक्ष्य रखना इनपुट कॉस्ट को देखते हुए मुश्किल हो सकता है। पहले के अनुमानों के अनुसार FY25 में मार्जिन 200-400 बेसिस पॉइंट तक गिर सकते थे, जो बताता है कि बढ़ती लागत के बीच मार्जिन रिकवर करना एक बड़ी चुनौती होगी।
Camso इंटीग्रेशन में देरी
Camso, जो कि एक ऑफ-हाईवे टायर ब्रांड है, से ग्रोथ की उम्मीदें अभी बाद में हैं। FY27 तक कॉस्ट प्रेशर बने रहने की उम्मीद है, और बड़े मार्जिन बेनिफिट्स FY28 तक ही मिलने की संभावना है। यानी, अधिग्रहण के पूरे तालमेल (synergy) के फायदे आने में और समय लगेगा।
इंडस्ट्री के रिस्क और एनालिस्ट्स का मतभेद
भारतीय टायर इंडस्ट्री में FY26 में 6-8% की ग्रोथ का अनुमान है, जो कि रिप्लेसमेंट डिमांड से आएगी। लेकिन US टैरिफ और नेचुरल रबर की ऊंची कीमतों जैसे बाहरी रिस्क भी बने हुए हैं। मार्केट ने 29 अप्रैल 2026 को Q4 नतीजों पर पॉजिटिव रिएक्शन देते हुए शेयर में 12% से ज्यादा की तेजी दिखाई थी, पर लगातार मार्जिन प्रेशर और प्राइस हाइक से डिमांड पर पड़ने वाले असर से आगे अनिश्चितता बनी रहेगी।
