CEAT Limited ने अपनी Camso ऑफ-हाइवे टायर यूनिट के लिए रिकवरी का रोडमैप तैयार कर लिया है। कंपनी को उम्मीद है कि यह बिजनेस मार्च 2027 तक ऑपरेटिंग प्रॉफिट के मामले में ब्रेक-ईवन (Break-even) हासिल कर लेगा।
मुनाफे की ओर बढ़ते कदम
CEAT ने अपनी Camso यूनिट, जिसे $225 मिलियन में खरीदा गया था, के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय किए हैं। हालांकि यह यूनिट अभी घाटे में है, लेकिन सितंबर तिमाही में इसके सेल्स में 35% की तिमाही दर तिमाही (sequential) बढ़त देखी गई है। राहत की बात यह है कि इसका नेगेटिव ऑपरेटिंग मार्जिन 10% से घटकर 2% पर आ गया है।
मैनेजमेंट ने बताया कि Michelin से ग्राहकों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया का 85% काम पूरा हो चुका है और दिसंबर तक इसे पूरी तरह से पूरा कर लिया जाएगा।
लागत का दबाव और चुनौतियां
कंपनी के सामने कच्चे माल (Raw material) की बढ़ती लागत एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जो दूसरी तिमाही में करीब 9% बढ़ गई है। हालांकि कंपनी ने अप्रैल से अब तक टायर की कीमतों में 12% से 14% तक की बढ़ोतरी की है, लेकिन यह बढ़ती लागत को पूरी तरह कवर नहीं कर पा रहा है। इसका असर कमर्शियल व्हीकल ऑपरेटर्स की डिमांड पर भी दिख रहा है, जो फिलहाल टायर बदलने में देरी कर रहे हैं।
वित्तीय मजबूती के उपाय
बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए CEAT ने कई कदम उठाए हैं:
- ₹1,400 करोड़ का निवेश फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए एक्सपेंशन और अपग्रेड पर खर्च किया जाएगा।
- श्रीलंकाई ऑपरेशंस के $24.5 मिलियन के लोन को इक्विटी में बदला गया है, ताकि करेंसी रिस्क को कम किया जा सके।
एक्सपोर्ट का सहारा
फिलहाल इंटरनेशनल बिजनेस कंपनी के लिए बड़ा सहारा बना हुआ है। कंपनी का स्टैंडअलोन एक्सपोर्ट दूसरी तिमाही में 27.4% बढ़ा है, जो अब नेट रेवेन्यू का करीब 20% हिस्सा है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या कच्चे माल की कीमतें स्थिर होती हैं और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में रिप्लेसमेंट डिमांड कब सामान्य होती है।
