CEAT Q1 Results: कच्चे माल की बढ़ती लागत ने फसाया टायर कंपनी का गणित, मुनाफा **96%** लुढ़का

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
CEAT Q1 Results: कच्चे माल की बढ़ती लागत ने फसाया टायर कंपनी का गणित, मुनाफा **96%** लुढ़का

CEAT Limited के Q1 FY27 के नतीजे काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं। जबरदस्त डिमांड के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट **96%** गिरकर सिर्फ **₹4 करोड़** रह गया है, जिसकी मुख्य वजह नेचुरल रबर की आसमान छूती कीमतें हैं।

मार्जिन पर कच्चे माल की मार

कंपनी के रेवेन्यू में 22% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹4,318 करोड़ तक पहुंच गया, लेकिन मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी बुरी तरह पिछड़ गई। इसका सबसे बड़ा कारण नेचुरल रबर की कीमतें हैं, जो पिछले 15 सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। इसके साथ ही कच्चे तेल आधारित अन्य सामग्री की लागत में भी 16-18% का इजाफा हुआ है। इसी वजह से ऑपरेटिंग मार्जिन 10.97% से घटकर 8.5% पर आ गया है। इस घाटे को कवर करने के लिए कंपनी ने जुलाई 2026 से टायरों की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू कर दी है, जिसे अगस्त में और बढ़ाया जा सकता है।

रणनीति और राहत की खबर

मुश्किल समय के बावजूद CEAT प्रीमियम सेगमेंट, जैसे 17-इंच के पहियों और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए टायरों पर फोकस कर रही है। साथ ही, Camso बिजनेस के एकीकरण का काम चल रहा है, जिससे भविष्य में अच्छी कमाई की उम्मीद है। निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि Competition Commission of India ने कंपनी को 2019 के टेंडर विवाद में क्लीन चिट दे दी है, जिससे एक बड़ा कानूनी जोखिम खत्म हो गया है। इसके अलावा, नागपुर प्लांट में ₹1,205 करोड़ का निवेश जारी है, जिससे उत्पादन क्षमता 53,000 टायर प्रतिदिन बढ़ जाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.