दमदार नतीजों के बीच बढ़ी लागतों की चिंता
CEAT Ltd ने बीते फाइनेंशियल ईयर 2026 में जबरदस्त वापसी की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹482 करोड़ से बढ़कर करीब 70% की तेजी के साथ ₹813 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी का टर्नओवर भी 15% बढ़कर ₹15,215 करोड़ दर्ज किया गया। इस शानदार प्रदर्शन की मुख्य वजह कंपनी की रणनीतिक प्राइसिंग (Strategic Pricing) और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स (Product Mix) रही।
क्यों होंगे टायर महंगे?
हालांकि, इन बेहतरीन नतीजों के बीच कंपनी के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। नेचुरल रबर और क्रूड से जुड़े मैटेरियल्स (Crude-linked materials) की कीमतों में भारी उछाल आया है। मार्च 2026 तक नेचुरल रबर की कीमत ₹221 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। इनपुट कॉस्ट में यह बढ़ोतरी, जो उत्पादन लागत का 60-70% हिस्सा होती है, कंपनी के मार्जिन (Margins) पर दबाव बना रही है।
5% दाम वृद्धि भी शायद काफी न हो
इस लागत दबाव से निपटने के लिए, CEAT ने मई की शुरुआत से अपने टायरों की कीमतों में 5% की वृद्धि करने का फैसला किया है। कंपनी के सीएफओ (CFO) के अनुसार, इतनी बड़ी लागत वृद्धि को कोई भी टायर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी पूरी तरह से खुद झेल नहीं सकती। उम्मीद है कि यह 5% की बढ़ोतरी लागत के असर को पूरी तरह से खत्म नहीं कर पाएगी। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर लागतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो फाइनेंशियल ईयर 2027 तक टायरों की कीमतों में कुल 10-15% तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
रॉ मटेरियल की बढ़ती कीमतों और मार्जिन पर संभावित असर को लेकर चिंताएं बढ़ीं, जिसके चलते 2 मार्च 2026 को क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल के बाद CEAT सहित अन्य टायर कंपनियों के शेयरों में 11.5% तक की गिरावट देखी गई थी।
कैपेसिटी एक्सपेंशन और डेट
CEAT ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में करीब ₹1,070 करोड़ का निवेश कैपेसिटी एक्सपेंशन (Capacity Expansion) पर किया है। कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹1,840 करोड़ रहा, जो कुल निवेश ₹2,318 करोड़ से कम है। कंपनी पर कुल डेट (Debt) करीब ₹3,000 करोड़ है, लेकिन कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो 0.44 से 0.59 के बीच है, जो एक मैनेजेबल लीवरेज प्रोफाइल (Manageable Leverage Profile) दर्शाता है।
वैल्यूएशन और कॉम्पिटिशन
CEAT का P/E रेशियो करीब 25.8x है, जो MRF के 25-26.5x के आसपास है, लेकिन Apollo Tyres (29-30x) से कम और JK Tyre (17-17.5x) से ज्यादा है। टायर्स सेक्टर में कड़ा मुकाबला है, जिससे CEAT की प्राइसिंग पावर सीमित हो जाती है। ऐसे में बढ़ती लागतों को पूरी तरह से ग्राहकों पर डालना मुश्किल हो सकता है, जो मार्जिन ग्रोथ को प्रभावित कर सकता है।
एनालिस्ट्स की राय
एनालिस्ट्स (Analysts) आम तौर पर CEAT पर 'आउटपरफॉर्म' (Outperform) की राय बनाए हुए हैं और अगले 12 महीनों के लिए 20% से अधिक के अपसाइड का अनुमान लगा रहे हैं। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए अर्निंग्स पर शेयर (Earnings per Share) के अनुमानों में गिरावट और इनपुट कॉस्ट की अस्थिरता से मार्जिन में कमी का जोखिम भी बना हुआ है। कंपनी का अनुमान है कि उसकी रेवेन्यू ग्रोथ 10.1% रहेगी, जो कि बाजार की अनुमानित 11.3% की ग्रोथ से थोड़ी कम है।
