FY26 में CEAT ने रचा इतिहास: रेवेन्यू और मुनाफे के सारे रिकॉर्ड तोड़े
CEAT Ltd ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए वितीय वर्ष के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 18.6% बढ़कर ₹15,678 करोड़ हो गया, जिसने ₹15,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर लिया। वहीं, कंपनी ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा सालाना नेट प्रॉफिट ₹697 करोड़ हासिल किया है।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे भी बेहद शानदार रहे। इस दौरान रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹4,219 करोड़ रहा, जबकि आफ्टर-टैक्स प्रॉफिट में 145.1% का भारी उछाल देखा गया और यह ₹243.85 करोड़ पर पहुंच गया। इन दमदार नतीजों को देखते हुए बोर्ड ने ₹35 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है।
लागत का बढ़ता दबाव: मार्जिन पर खतरा, इंडस्ट्री भी चिंतित
हालांकि, CEAT की यह सफलता इंडस्ट्री की चिंताएं भी सामने लाती है। टायर बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल जैसे नेचुरल रबर (Natural Rubber) और पेट्रोकेमिकल्स (Petrochemicals) की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। ये सामग्रियां कंपनी की रॉ मटेरियल कॉस्ट का करीब 60-65% हिस्सा हैं।
विश्लेषकों का अनुमान है कि FY25 में इन बढ़ती इनपुट कॉस्ट के कारण इंडस्ट्री के मार्जिन में 200-400 basis points (यानि 2-4%) की गिरावट आ सकती है, भले ही डोमेस्टिक डिमांड के चलते रेवेन्यू में 8-10% की वृद्धि हो। CEAT का FY26 EBITDA मार्जिन 13.16% रहा, जबकि Q4 में यह 14.18% दर्ज किया गया।
आगे की राह: एक्सपेंशन और कॉस्ट कंट्रोल पर फोकस
बढ़ती लागत के इस दबाव के बावजूद, CEAT के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO अर्नाब बनर्जी ने कहा है कि कंपनी शॉर्ट-टर्म चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। कंपनी रणनीतिक प्राइसिंग (Strategic Pricing) और कड़े कॉस्ट कंट्रोल (Cost Control) उपायों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। CFO कुमार सुब्बैया ने बताया कि Q4 में ऑपरेटिंग एफिशिएंसी (Operating Efficiencies) के कारण मार्जिन में 51 basis points से अधिक का सुधार हुआ।
कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है। चेन्नई प्लांट के लिए ₹4,500 करोड़ का निवेश और FY27 में ₹1,070 करोड़ से अधिक का खर्च इसकी महत्वाकांक्षी विस्तार योजना का हिस्सा है।
विश्लेषकों की राय: अभी भी है बड़े अपसाइड की उम्मीद
इन सब चुनौतियों के बावजूद, विश्लेषकों का CEAT पर भरोसा बना हुआ है। 15-19 विश्लेषकों ने 'आउटपरफॉर्म' (Outperform) की रेटिंग दी है। उनका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹4,300 से ₹4,356 के बीच है, जो मौजूदा स्तरों से 20-24% तक के अपसाइड की ओर इशारा करता है। FY26 के लिए प्रति शेयर आय (EPS) का अनुमान ₹175.59 लगाया गया है। हालांकि, यह अनुमान बढ़ती रॉ मटेरियल कॉस्ट के तत्काल असर को पूरी तरह से नहीं दर्शा सकता।
