CEAT ने अपने चेन्नई प्लांट को अपग्रेड करते हुए **22-इंच** SUV और कमर्शियल रेडियल टायर के प्रोडक्शन की शुरुआत की है। यह कदम कंपनी के **₹1,300 करोड़** के बड़े एक्सपेंशन प्लान का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य मुनाफे को बढ़ाना है। हालांकि, कच्चे माल की बढ़ती लागत और भारी निवेश के दबाव के बीच यह सफर चुनौतीपूर्ण भी है।
प्रीमियम सेगमेंट पर कंपनी का दांव
CEAT Limited अब हाई-वैल्यू सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। चेन्नई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में नई प्रोडक्शन लाइनें जोड़ी गई हैं, जो अब 22-इंच SUV टायर और आधुनिक ट्रक-बस रेडियल (TBR) टायर बनाने में सक्षम हैं। कंपनी का लक्ष्य इन हाई-एंड टायरों के जरिए भारत के अलावा यूरोप और उत्तरी अमेरिका जैसे बड़े ग्लोबल मार्केट्स में अपनी जगह बनाना है।
₹1,300 करोड़ का बड़ा निवेश
यह विस्तार कंपनी के उस बड़े कैपिटल स्पेंडिंग प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसे बोर्ड ने जनवरी 2026 में मंजूरी दी थी। कंपनी का मैनेजमेंट अपने प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव लाकर उसे ज्यादा प्रॉफिटेबल बनाना चाहता है ताकि मास-मार्केट सेगमेंट के कड़े कॉम्पिटिशन से बचा जा सके।
चुनौतियों का साया
वित्तीय मोर्चे पर, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में 22% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ तो दर्ज की है, लेकिन कई अड़चनें भी सामने आई हैं। वेस्ट एशिया में चल रहे संकट के कारण कच्चे माल की लागत में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है, जिससे ऑपरेटिंग मार्जिन और नेट प्रॉफिट पर सीधा असर पड़ा है।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी इन बढ़े हुए खर्चों का बोझ ग्राहकों पर कितना डाल पाती है और अपने मार्जिन को कैसे सुधारती है। इसके अलावा, चेन्नई और नागपुर प्लांट में किए जा रहे भारी निवेश के बाद कंपनी के कर्ज के स्तर और कैपेसिटी यूटिलाइजेशन का सही तालमेल बिठाना कंपनी के लिए अगली बड़ी परीक्षा होगी।
