एक मजबूत साझेदारी
Bosch Limited और Tata AutoComp Systems ने भारत के बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मार्केट में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए एक जॉइंट वेंचर (Joint Venture) का ऐलान किया है। यह 50:50 की पार्टनरशिप भारत में ई-मोबिलिटी (e-mobility) सॉल्यूशंस को बढ़ावा देगी।
क्या होगा निर्माण?
इस नए वेंचर का मुख्य फोकस इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए जरूरी eAxle सिस्टम और इलेक्ट्रिक मोटर को डिजाइन (engineer) करना, बनाना (manufacture) और बेचना (sell) होगा। कंपनी का परिचालन पुणे (Pune) शहर से 2026 के मध्य तक शुरू होने की उम्मीद है, बशर्ते सभी जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल (regulatory approvals) मिल जाएं।
लीडरशिप का भरोसा
Bosch Limited के मैनेजिंग डायरेक्टर, गुरुप्रसाद मुद्दलपुर (Guruprasad Mudlapur) ने कहा कि यह JV बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (BEV) टेक्नोलॉजी को रफ्तार देगा, जो काफी एफिशिएंट (efficient) है। वहीं, Bosch Limited के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर, संदीप नेलमंगला (Sandeep Nelamangala) ने दुनिया भर में मोबिलिटी में हो रहे बड़े बदलावों और भारत के बढ़ते रोल पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ग्राहकों की अब लोकल लेवल पर एडवांस्ड सॉल्यूशंस (advanced solutions) की मांग बढ़ रही है।
Robert Bosch GmbH के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, कार्सटेन मुलर (Karsten Müller) ने भारत को दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटो मार्केट के तौर पर रेखांकित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्लोबल ई-मोबिलिटी टेक्नोलॉजी को भारत में लाना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है।
दोनों कंपनियों की ताकत
इस पार्टनरशिप में, Bosch अपनी तकनीकी विशेषज्ञता (technology expertise) और Tata AutoComp अपनी मजबूत मैन्युफैक्चरिंग (manufacturing) क्षमता लेकर आ रहा है। यह मिलकर भारत के EV कॉम्पोनेंट्स के लिए एक मजबूत लोकल सप्लाई चेन (local supply chain) तैयार करने का लक्ष्य रखते हैं।
बाजार की जरूरतें
यह जॉइंट वेंचर क्लीनर व्हीकल टेक्नोलॉजी (cleaner vehicle technologies) की बढ़ती ग्लोबल और भारतीय मांग का सीधा जवाब है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह पहल भारत के सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट (sustainable transport) को बढ़ावा देने और इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही, यह भारत में EV पार्ट्स के लोकल प्रोडक्शन के स्टैंडर्ड्स को भी ऊपर ले जा सकती है।
