Bosch के निवेशकों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। कंपनी ने 6 नवंबर को बोर्ड मीटिंग में स्टॉक स्प्लिट और बोनस इश्यू पर विचार करने का फैसला लिया है, जिससे शेयर रिकॉर्ड ₹50,470.05 के स्तर पर पहुंच गया।
कॉर्पोरेट एक्शन से हलचल
शेयर की कीमत में जबरदस्त उछाल के पीछे कंपनी का बड़ा फैसला है। आमतौर पर जब किसी शेयर की कीमत बहुत ज्यादा हो जाती है, तो कंपनियां उसे छोटे निवेशकों की पहुंच में लाने के लिए स्टॉक स्प्लिट या बोनस का सहारा लेती हैं। स्टॉक स्प्लिट से मौजूदा शेयर छोटे टुकड़ों में बंट जाते हैं और बोनस इश्यू में निवेशकों को फ्री शेयर मिलते हैं। हालांकि, अभी यह केवल एक प्रस्ताव है, जिस पर 6 नवंबर को होने वाली बोर्ड मीटिंग में अंतिम फैसला लिया जाएगा।
क्यों भाग रहा है स्टॉक?
यह तेजी केवल कॉरपोरेट एक्शन की उम्मीद नहीं है। मार्च 2026 से अब तक यह शेयर करीब 76% का रिटर्न दे चुका है। इसकी मुख्य वजह कंपनी के नॉन-मोबिलिटी सेगमेंट में रिकवरी और ऑटो बिजनेस में लगातार ग्रोथ है। कंपनी के Q2 नतीजों पर भी बाजार की नजर है, जहां RBIC अधिग्रहण से ₹1,250 करोड़ का योगदान मिलने की उम्मीद है।
रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों को सतर्क रहने की भी जरूरत है। बाजार ने नतीजों को लेकर काफी उम्मीदें पाल रखी हैं, अगर कंपनी का प्रदर्शन उम्मीदों से कम रहा, तो स्टॉक में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। साथ ही, ऑटो सेक्टर पर सप्लाई चेन की महंगाई का भी दबाव है, जो भविष्य में मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों के लिए 6 नवंबर की तारीख सबसे अहम है, जब नतीजों के साथ-साथ बोनस और स्प्लिट के अनुपात का खुलासा होगा।
