Bharat Forge Share Price: ब्रोकरेज ने Buy रेटिंग दी, फिर भी शेयर क्यों गिरे? जानें वजह

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Bharat Forge Share Price: ब्रोकरेज ने Buy रेटिंग दी, फिर भी शेयर क्यों गिरे? जानें वजह

Bharat Forge के शेयरों में मंगलवार को गिरावट जारी रही। कंपनी की पिछली तिमाही (Q1) की कमाई उम्मीद से कमजोर रही, जिसमें **₹90 करोड़** का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया गया। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग और **₹2,400** का टारगेट दिया है, लेकिन निवेशक कंपनी की जर्मन यूनिट में हुए एकमुश्त रीस्ट्रक्चरिंग खर्चों पर ध्यान दे रहे हैं।

नतीजों का असर, शेयर बेचैन

मंगलवार को Bharat Forge के शेयरों में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई। बाजार जहां ब्रोकरेज की 'Buy' रेटिंग को नजरअंदाज कर रहा है, वहीं कंपनी के पिछली तिमाही के कमजोर नतीजों पर फोकस कर रहा है। 11 अगस्त 2026 को शेयर दबाव में रहे और पिछले दिन की तेज गिरावट को जारी रखा।

आखिर क्या है मामला?

यह सब तब हुआ जब ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने एक रिपोर्ट जारी कर स्टॉक को 'Buy' रेटिंग के साथ ₹2,400 का टारगेट प्राइस दिया। ब्रोकरेज के टारगेट और शेयर की मौजूदा चाल के बीच का अंतर, बाजार की प्रतिक्रिया को दिखाता है। असल में, Bharat Forge ने Q1 FY27 के लिए लगभग ₹90 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है।

इस तिमाही के नतीजों पर एकमुश्त ₹358 करोड़ के रीस्ट्रक्चरिंग चार्ज का बड़ा असर पड़ा, जो कंपनी की जर्मन सब्सिडियरी, Bharat Forge CDP GmbH से जुड़ा था। हालांकि, रेवेन्यू में 18.7% साल-दर-साल बढ़कर ₹4,640 करोड़ हो गया, लेकिन बॉटम-लाइन लॉस (Bottom-line loss) ने निवेशकों का सेंटिमेंट (Sentiment) प्रभावित किया है।

ब्रोकरेज का भरोसा बरकरार

ICICI Securities का पॉजिटिव आउटलुक (Positive outlook) तत्काल तिमाही नतीजों के बजाय कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति पर आधारित है। ब्रोकरेज का मानना है कि Bharat Forge के लिए डिफेंस (Defense), एयरोस्पेस (Aerospace) और कमर्शियल व्हीकल (Commercial Vehicle) जैसे सेगमेंट्स में मजबूत संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी नोट किया कि US क्लास-8 ट्रक सेगमेंट में डिमांड में रिकवरी की उम्मीद है, जो भविष्य की कमाई में मदद कर सकती है। कंपनी डिफेंस और एयरोस्पेस वर्टिकल (Vertical) में हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स (High-value products) की ओर बढ़ने की योजना बना रही है, जिससे आने वाले वर्षों में ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

भविष्य की तैयारी

कंपनी भविष्य के ऑपरेशन्स (Operations) के लिए ₹2,500 करोड़ तक की राशि जुटाने की मंजूरी दे चुकी है। साथ ही, मलेशिया में सेमीकंडक्टर-केंद्रित सब्सिडियरी (Semiconductor-focused subsidiary) स्थापित करने की भी योजना है। कंपनी ने अपनी कैपिटल स्पेंडिंग गाइडेंस (Capital spending guidance) को ₹18 बिलियन तक बढ़ाया है। ये कदम लंबी अवधि के विस्तार के लिए हैं, लेकिन ये कंपनी की वित्तीय योजना में एक बदलाव का संकेत भी देते हैं।

निवेशकों के लिए चिंताएं

निवेशक अब इन विस्तार योजनाओं की तुलना निकट अवधि के जोखिमों से कर रहे हैं। मुख्य चिंताओं में बढ़ती लागतों के कारण मार्जिन प्रेशर (Margin pressure) और अंतरराष्ट्रीय सब्सिडियरीज (International subsidiaries) का चल रहा रीस्ट्रक्चरिंग शामिल है। बड़े डिफेंस और एयरोस्पेस ऑर्डर्स (Defense and aerospace orders) को पूरा करने में देरी या लागत वृद्धि का जोखिम भी है। इन चुनौतियों को देखते हुए, विदेशी बिजनेस की वास्तविक प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) शेयरधारकों के लिए निगरानी का एक प्रमुख कारक बनी हुई है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.