भारत और यूके के बीच हुए नए ट्रेड एग्रीमेंट के बाद लग्जरी कार मेकर Bentley अपनी भारतीय सेल्स को **3 गुना** तक बढ़ाने की तैयारी में है। इंपोर्ट ड्यूटी कम होने से कारों की कीमतों में भारी गिरावट संभव है।
कीमतों में बड़ी कटौती का ऐलान
जुलाई 2026 से लागू हुए भारत-यूके ट्रेड एग्रीमेंट ने ऑटो सेक्टर के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। इस डील के तहत बड़ी इंजन वाली इंपोर्टेड गाड़ियों पर कस्टम ड्यूटी में भारी राहत मिली है। इसका सबसे बड़ा फायदा Bentley के ग्राहकों को होगा, जहां Bentayga Extended Wheelbase जैसे प्रीमियम मॉडल की कीमतों में 30% से 35% तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।
रिटेल नेटवर्क में विस्तार
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी ने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में नए स्ट्रैटेजिक रिटेल पार्टनरशिप के साथ अपना ऑपरेशन रीस्ट्रक्चर किया है। हालांकि, मैनेजमेंट का साफ कहना है कि उनका फोकस सेल्स के आंकड़ों की दौड़ में शामिल होने के बजाय ब्रांड की एक्सक्लूसिविटी को बनाए रखना है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि Bentley Motors सीधे शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, यह Volkswagen Group की सब्सिडियरी है। बाजार में कई बार लोग इसका भ्रम Bentley Systems (NASDAQ: BSY) के साथ कर लेते हैं, जो एक सॉफ्टवेयर कंपनी है। इसलिए, यदि आप इस लग्जरी ब्रांड की ग्रोथ से फायदा उठाना चाहते हैं, तो आपको Volkswagen Group के फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर नजर रखनी चाहिए।
चुनौतियां और रिस्क
हालांकि ट्रेड डील एक बड़ा पॉजिटिव कदम है, लेकिन कुछ रिस्क भी हैं। इन ड्यूटी बेनिफिट्स पर एनुअल इंपोर्ट कोटा तय है, यानी यह छूट असीमित नहीं है। साथ ही, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियां अभी इस टैरिफ छूट के दायरे से बाहर हैं।
