मुनाफे में गिरावट, सेल्स में तेजी
कंपनी को चौथी तिमाही में ₹300 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹369 करोड़ से 19% कम है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 6.6% बढ़कर ₹2,932.8 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन मामूली घटकर 21.8% रहा, जो पिछले साल 22.3% था।
ऑफ-हाईवे टायर सेगमेंट की मजबूत पकड़
ऑफ-हाईवे टायर (OHT) सेगमेंट कंपनी के लिए बड़ा रेवेन्यू जरनेटर बना हुआ है, जो कुल सेल्स का करीब 91% है। इस तिमाही में OHT सेल्स वॉल्यूम 5% बढ़कर 85,820 मीट्रिक टन तक पहुंच गया। मैनेजमेंट का कहना है कि यूरोपियन मार्केट में रिकवरी, अमेरिका में बेहतर ग्रोथ और भारत की मजबूती इसके मुख्य कारण हैं।
भविष्य के लिए बड़े कैपेक्स प्लान्स
Balkrishna Industries ने भविष्य के लिए बड़े एक्सपेंशन (Expansion) प्लान्स तैयार किए हैं। कंपनी ₹1,300 करोड़ OHT टायर्स के लिए और ₹3,500 करोड़ ऑन-हाईवे टायर्स, रबर ट्रैक, कार्बन ब्लैक और पावर प्लांट प्रोजेक्ट्स के लिए खर्च करने की योजना बना रही है। इसके अलावा ₹2,000 करोड़ कैपेसिटी बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने, AI ऑटोमेशन और सस्टेनेबिलिटी पहलों के लिए रखे गए हैं।
डिविडेंड का सुझाव और फ्लैट मार्केट रिएक्शन
इन नतीजों के बीच, कंपनी के बोर्ड ने ₹4 प्रति इक्विटी शेयर फाइनल डिविडेंड (Dividend) का सुझाव दिया है। नतीजों के बाद Balkrishna Industries के शेयर में ज्यादा हलचल नहीं देखी गई और यह BSE पर 0.18% बढ़कर ₹2,263.25 पर बंद हुआ।
