Bajaj Auto की सब्सिडियरी, Bajaj Mobility AG ने पहली बार तिमाही ऑपरेटिंग प्रॉफिट के आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी ने **EUR 1.3 मिलियन** का मुनाफा दर्ज किया है, जो भारी रिस्ट्रक्चरिंग और लागत कटौती का परिणाम है।
मुनाफे की राह पर कंपनी
Bajaj Auto की यूरोपीय सब्सिडियरी, Bajaj Mobility AG (जो पहले Pierer Mobility AG ग्रुप के नाम से जानी जाती थी) ने वित्तीय सुधार की दिशा में एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। नवंबर 2025 में पूरा कंट्रोल लेने के बाद, कंपनी ने दूसरी तिमाही (Q2 2026) में EUR 1.3 मिलियन का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBIT) हासिल किया है। यह 2024 के अंत में आए इंसॉल्वेंसी संकट के बाद एक बड़ी राहत है।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो पहली छमाही में कंपनी का रेवेन्यू 65% बढ़कर EUR 701.4 मिलियन तक पहुंच गया है। वहीं, KTM, Husqvarna और GasGas जैसे ब्रांड्स का प्रदर्शन और भी शानदार रहा, जिनका रेवेन्यू 109.1% उछलकर EUR 579.6 मिलियन हो गया। कंपनी का EBITDA मार्जिन 5.4% रहा, जबकि दूसरी तिमाही में यह 8.7% तक पहुंच गया था।
ऑपरेशंस में सफाई और कटौती
टर्नअराउंड प्लान के तहत, कंपनी ने अपनी पुरानी सेल्स वॉल्यूम की रणनीति को पूरी तरह बदल दिया है। पिछले एक साल में, कंपनी ने 1,00,000 से ज्यादा मोटरसाइकिल के पुराने स्टॉक को क्लियर किया, ताकि भारी डिस्काउंट देने की मजबूरी खत्म हो सके। साथ ही, वर्कफोर्स को 5,310 (2024 के अंत में) से घटाकर जून 2026 तक 3,416 कर दिया गया है।
भारत के साथ तालमेल और जोखिम
लॉन्ग-टर्म रिकवरी के लिए कंपनी अब यूरोपीय ऑपरेशंस को भारत में Bajaj Auto के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के साथ जोड़ रही है। पुर्जों की सोर्सिंग और असेंबली भारत से करने का लक्ष्य प्रोडक्शन कॉस्ट को कम करना है। हालांकि, निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 2.71 पर बना हुआ है। कंपनी ने EUR 550 मिलियन का लोन रिफाइनेंस तो किया है, लेकिन नेगेटिव फ्री कैश फ्लो अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मैनेजमेंट कर्ज के बोझ और कैश की जरूरतों को कैसे संतुलित करता है।
