साल 2026 के शुरुआती 10 महीनों में Bajaj Auto ने Mahindra Last Mile Mobility को पछाड़कर इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर रजिस्ट्रेशन में पहला स्थान हासिल कर लिया है। बाजार में भारी मांग के बावजूद कंपनी फिलहाल प्रोडक्शन की चुनौतियों से जूझ रही है।
भारत के इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर बाजार में इस साल बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सरकारी 'वाहन' (Vahan) पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, इस इंडस्ट्री में तेजी से इजाफा हो रहा है और इस साल अब तक 3.44 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 85% ज्यादा है।
मजबूत फाइनेंशियल और EV का दम
Bajaj Auto की सफलता के पीछे उसका मजबूत फाइनेंशियल प्रदर्शन है। Q2 FY27 में कंपनी ने रेवेन्यू में 34% और EBITDA में 37% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी अपने EV सेगमेंट में भी डबल-डिजिट EBITDA मार्जिन बनाए हुए है, जो साबित करता है कि कंपनी प्रॉफिट के साथ अपनी ग्रोथ को स्केल करने में कामयाब है।
प्रोडक्शन की समस्या और रिस्क
भले ही Bajaj टॉप पर है, लेकिन कंपनी अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। ऑपरेशनल बॉटलनैक्स के कारण कंपनी अपने तय लक्ष्य का केवल 75% ही डिलीवर कर पा रही है। निवेशकों के लिए यह एक 'एग्जीक्यूशन रिस्क' है। भविष्य की ग्रोथ पूरी तरह इस बात पर टिकी है कि कंपनी कितनी जल्दी अपनी कैपेसिटी बढ़ाकर पेंडिंग ऑर्डर्स को पूरा करती है।
मार्केट का मुकाबला
इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर स्पेस में लड़ाई तेज हो गई है। TVS Motor ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है और इस दौरान कंपनी के रजिस्ट्रेशन में 145% का उछाल देखा गया है। बड़े प्लेयर्स की मजबूती के कारण छोटे और निश (niche) प्लेयर्स के लिए बाजार में टिके रहना मुश्किल होता जा रहा है।
