कंपनी ने क्यों घटाया डिविडेंड?
Bajaj Auto के लिए यह फाइनेंशियल ईयर (FY26) रिकॉर्ड मुनाफे वाला रहा है, लेकिन शेयरधारकों को मिलने वाले डिविडेंड में कटौती ने सबको चौंका दिया है। पिछले साल जहां ₹210 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया गया था, वहीं इस बार यह घटाकर ₹150 कर दिया गया है। इस फैसले के पीछे कंपनी की भविष्य की योजनाओं का संकेत हो सकता है, जैसे कि नए प्रोजेक्ट्स में ज्यादा निवेश करना, कर्ज कम करना या फिर बाजार की बदलती चाल को देखते हुए सावधानी बरतना। कंपनी ने ₹5,633 करोड़ के शेयर बायबैक को भी मंजूरी दी है, जिसमें हर शेयर ₹12,000 पर बायबैक किया जाएगा।
शानदार रहा तिमाही और सालाना प्रदर्शन
कंपनी के नतीजे बताते हैं कि इस बार प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए, Bajaj Auto का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) 47% बढ़कर ₹10,744 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू (Revenue) 23% बढ़कर ₹62,905 करोड़ हो गया। चौथी तिमाही (Q4) में, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 34% उछलकर ₹2,746 करोड़ पर पहुंच गया, जो 32% रेवेन्यू ग्रोथ के साथ आया। EBITDA में 36% का इजाफा हुआ और यह ₹3,323 करोड़ रहा, जबकि मार्जिन (Margins) 20.8% पर स्थिर रहा। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) लगभग ₹2.81 ट्रिलियन है और P/E रेश्यो (P/E Ratio) 30-32 के आसपास है।
एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय
बाजार के जानकारों (Analysts) की राय Bajaj Auto को लेकर मिली-जुली है। ज्यादातर एनालिस्ट्स 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, लेकिन प्राइस टारगेट (Price Target) में काफी अंतर है, जो ₹8,953 से लेकर ₹12,000 तक जाता है। कुछ एनालिस्ट्स ने हाल ही में अपने टारगेट बढ़ाए हैं, जबकि कुछ का नजरिया अभी भी सतर्क है। स्टॉक फिलहाल ₹10,150-₹10,275 के दायरे में कारोबार कर रहा है। डिविडेंड में कटौती को देखते हुए, निवेशक कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
डिविडेंड कटौती के पीछे की रणनीति
FY26 के लिए ₹150 प्रति शेयर का डिविडेंड, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट के हिसाब से लगभग 40.4% पेआउट रेश्यो (Payout Ratio) दिखाता है। यह FY25 के लगभग 83% पेआउट रेश्यो से काफी कम है। यह बदलाव दर्शाता है कि कंपनी शायद इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) और प्रीमियम मोटरसाइकिल सेगमेंट में अपने निवेश को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। बढ़ते कॉम्पिटिशन (Competition) और भविष्य की पूंजीगत जरूरतों को देखते हुए यह एक रणनीतिक कदम हो सकता है।
इंडस्ट्री का आउटलुक और जोखिम
भारतीय ऑटो सेक्टर (Indian Automotive Sector) के 2026 में 6-8% बढ़ने का अनुमान है, जिसका मुख्य कारण अच्छी डिमांड, नई टेक्नोलॉजी और सरकारी नीतियां हैं। इलेक्ट्रिक और प्रीमियम सेगमेंट में ग्रोथ की उम्मीद ज्यादा है। हालांकि, भू-राजनीतिक घटनाओं से सप्लाई चेन (Supply Chain) में बाधाएं और कमोडिटी (Commodity) व फ्रेट (Freight) की बढ़ती लागतें FY27 में ग्रोथ को धीमा कर सकती हैं। Bajaj Auto अपनी मजबूत एक्सपोर्ट (Export) परफॉर्मेंस, खासकर लैटिन अमेरिका में, और इलेक्ट्रिक स्कूटर Chetak के कारण इस स्थिति में अच्छी तरह से तैयार है।
